Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा बैठक में साफ कहा कि राज्य के गरीब, मजदूर और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने विभागीय योजनाओं को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह तथा तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए.

झारखंड मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष की उपलब्धियों और वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. इसके लिए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए और खाद्यान्न वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए.
5 रुपये में भरपेट भोजन, अब और बढ़ेंगे दाल-भात केंद्र
मुख्यमंत्री ने दाल-भात योजना को गरीबों और श्रमिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए राज्य में संचालित 370 दाल-भात केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि शहरों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान कर नए दाल-भात केंद्र खोले जाएं. साथ ही मॉडल दाल-भात केंद्र विकसित कर जरूरतमंद लोगों को बेहतर सुविधा के साथ भोजन उपलब्ध कराया जाए.
पीडीएस में नहीं चलेगी लापरवाही, हर पात्र परिवार तक पहुंचेगा राशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब परिवारों की जीवनरेखा है. ऐसे में राशन कार्ड से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए, नए पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ा जाए और अपात्र लाभुकों की पहचान कर व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पीवीटीजी परिवारों तक घर-घर पहुंचेगा खाद्यान्न
विशिष्ट जनजाति खाद्यान्न सुरक्षा योजना (पीवीटीजी डाकिया योजना) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों तक डोर-स्टेप डिलीवरी के माध्यम से नियमित खाद्यान्न पहुंचना सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए.
किसान से सीधे संवाद कर जानी धान खरीद की स्थिति
धान अधिप्राप्ति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि 60 लाख क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले राज्य में 49.25 लाख क्विंटल धान की खरीद हुई है. बैठक में उन्होंने कारीमाटी के किसान निगम प्रसाद उपाध्याय से ऑनलाइन बातचीत कर भुगतान की जानकारी ली. किसान ने बताया कि पैक्स के माध्यम से 160 क्विंटल धान बेचने के बाद उन्हें उसी दिन भुगतान मिल गया. मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया.
अनाज भंडारण होगा और मजबूत, योजनाएं समय पर हों पूरी
मुख्यमंत्री ने गोदामों की मरम्मत, नए गोदामों के निर्माण और अनाज के सुरक्षित भंडारण की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने वर्ष 2026-27 की सभी प्रस्तावित योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया. बैठक में सोना-सोवरन धोती-साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री दाल-भात योजना और मुख्यमंत्री नमक वितरण योजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई.
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