Latehar: पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को पाटने और आपसी भरोसे की नींव को और मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को लातेहार के डुरुआ गांव में एक विशाल ‘जनसंवाद कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया. गांव की पारंपरिक चौपाल पर सजे इस कार्यक्रम में पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल और लातेहार एसपी कुमार गौरव खुद मौजूद रहे. दोनों आला अधिकारियों ने न सिर्फ ग्रामीणों की बुनियादी समस्याओं को जमीन पर सुना, बल्कि उनके त्वरित निष्पादन के लिए मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़े निर्देश भी दिए.
ग्रामीणों ने खुलकर रखीं समस्याएं, अधिकारियों ने दिया त्वरित समाधान का भरोसा
डुरुआ गांव की चौपाल पर आयोजित इस जनसंवाद में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हुए। ग्रामीणों ने बिना किसी झिझक के क्षेत्र की विभिन्न जन-समस्याओं, कानून व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को आला अधिकारियों के समक्ष रखा. डीआईजी और एसपी ने एक-एक कर हर ग्रामीण की शिकायत को बेहद संजीदगी और गंभीरता से सुना. अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है और उनकी हर जायज समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा.
DIG किशोर कौशल का आह्वान: “बिना डर के पुलिस को दें संदिग्ध गतिविधियों की सूचना
जनसभा को संबोधित करते हुए पलामू डीआईजी किशोर कौशल ने कहा कि पुलिस तब तक पूरी तरह सफल नहीं हो सकती, जब तक उसे जनता का सहयोग न मिले. पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल और मजबूत समन्वय से ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है. जनता पुलिस की आंख और कान है. अगर आपके क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध गतिविधि हो रही है या कोई अपराध पनप रहा है, तो बिना किसी डर या संकोच के इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें. आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी
SP कुमार गौरव बोले: अपराधियों पर कार्रवाई के साथ विश्वास का माहौल बनाना हमारी प्राथमिकता
वहीं, एसपी कुमार गौरव ने सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि खाकी का मकसद सिर्फ डराना या कार्रवाई करना नहीं है. लातेहार पुलिस की प्राथमिकता केवल अपराधियों के खिलाफ कानूनी डंडा चलाना नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के मन में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण तैयार करना भी है. जब जनता और पुलिस एक साथ खड़े होंगे, तो अपराधियों के हौसले अपने आप पस्त हो जाएंगे
महिला सुरक्षा से लेकर साइबर ठगी तक: इन महत्वपूर्ण विषयों पर दी गई जानकारी
इस जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान केवल शिकायतें ही नहीं सुनी गईं, बल्कि ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी और सुरक्षात्मक पहलुओं पर विस्तार से जागरूक भी किया गया। मुख्य रूप से महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने, उनके अधिकारों और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई. इसके अलावा आज के डिजिटल युग में बढ़ रही साइबर ठगी (OTP फ्रॉड, लॉटरी स्कैम, फर्जी कॉल) के नए तरीकों से अवगत कराते हुए ग्रामीणों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई. किसी भी आकस्मिक दुर्घटना या आपदा के समय पुलिस, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस सेवाओं का तुरंत लाभ कैसे उठाएं, इसकी विस्तृत जानकारी साझा की गई.
सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द पर विशेष जोर
कार्यक्रम के समापन सत्र में समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई. अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि कोई भी समाज तभी तरक्की कर सकता है जब वहां सामाजिक समरसता हो. सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों से कड़ाई से निपटने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि आपसी विश्वास और भाईचारा बनाए रखना सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि समाज के हर जिम्मेदार नागरिक की मौलिक जिम्मेदारी है.
डुरुआ गांव में आयोजित इस चौपाल कार्यक्रम की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की और कहा कि इस तरह के आयोजनों से पुलिस के प्रति उनका डर दूर होता है और सुरक्षा की भावना मजबूत होती है.
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