देश बेरोजगारी से जूझ रहा, पीएम मोदी सार्वजनिक क्षेत्र छोड़ अडाणी और अंबानी पर दे रहे जोरः प्रदीप यादव

Ranchi: झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 10 वें दिन उद्योग और श्रम विभाग के बजट के समर्थन में बोलते...

Ranchi: झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 10 वें दिन उद्योग और श्रम विभाग के बजट के समर्थन में बोलते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि राज्य की परिस्थिति अनुकूल है, पर चुनौती भी कम नहीं है. श्रम की काफी संभावना है. प्रदीप यादव ने कहा कि झारखंड खान खनिज के मामले में देश में दूसरे नंबर पर है. श्रम योजनाओ का बेहतर तरीके से प्रचार-प्रसार होना चाहिए, जिससे श्रमिकों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके. केंद्र पर निशाना साधते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि देश बेरोजगारी से जूझ रहा है. पीएम का सार्वजनिक क्षेत्र पर जोर नहीं है. अड़ाणी और अंबानी पर जोर देते हैं. एचइसी आज बीमार पड़ा है. वेतन नहीं मिल रहा है. भारत सरकार को अपनी दिशा बदलनी होगी. मोदी की नीतियों के कारण भारत अमेरिका के सामने नतमस्तक हो गया है. अमेरिका के मुहर के बाद तेल खरीदना पड़ रहा है. देश की नीति उद्योग और बेरोजगारों के पक्ष में नहीं है.

विपक्ष हमेशा निगेटिव ही बोलता हैः सुरेश पासवान

वहीं सुरेश पासवान ने कहा कि पीएंम मोदी ने रोजगार और नौकरी के नाम पर ठगने का काम किया. आज हेमंत सरकार ने 10 हजार लोगों को नौकरी दी. विपक्ष हमेशा निगेटिव ही बोलता है. हेमंत सोरेन ने हवाई चप्पल पहननें वालों को कोरोना काल में हवाई जहाज से वापस लाए. युवक युवतियों को ट्रेनिंग देकर रोजगार दिया जा रहा है.

श्रम विभाग की सभी समितियों का हो पुनर्गठन : अरूप चटर्जी

जबकि अरूप चटर्जी ने कहा कि चार लेबर कोड पर ट्रेड यूनियनों से भी राय ली जानी चाहिए. श्रम विभाग के सभी समितियों का पुर्गठन होना चाहिए. ट्रेड यूनियन में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए. ट्रेड यूनियन का पंजीकरण होना चाहिए. आज कामगारों को मिनिमम वेज भी नहीं मिल रहा है. 470 की जगह 290 रुपए ही दिए जा रहे हैं. इसके लिए उद्योगों का औचक निरीक्षण होना चाहिए. सरकार उद्योगों को जमीन देने में सक्ष्म नहीं है.

देश के हित में करेंगे काम, काम का लेंगे पूरा दाम होना चाहिए नाराः सरयू

सदन में सरयू राय ने कहा कि देश के हित में करेंगे काम और काम का लेंगे पूरा दाम, यही नारा होना चाहिए. झारखंड में उद्योग के लिए पर्याप्त संसाधन हैं. मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट खोलने की नीति नहीं है. उद्योगों में 28500 करोड़ का निवेश हुआ है. झारखंड में स्किल डेवलपमेंट नहीं हो रहा है. गुणवत्ता पूर्ण ट्रेनिंग होनी चाहिए. 8000 एकड़ जमीन उद्योगपतियों ने सीधे रैयतों से ली है. 3000 एकड़ सरकार की ओर से दिया गया है. एआई सहित नई टेक्नोलॉजी का उपयोग होना चाहिए. उद्योगों के लिए आधारभूत संरचना तैयार करने की जरूरत है.

झारखंड को आगे बढ़ाने में है श्रमिकों का योगदानः सुदीप गुड़िया

सुदीप गुड़िया ने कहा कि झारखंड को आगे बढ़ाने में श्रमिकों का योगदान है. वनोत्पाद आधारित उद्योग से रोजगार का अवसर बढ़ेगा. खूंटी में पॉलिटेक्निक और आइटीआई खुलना चाहिए. कृषि आधारित उद्योग लगाने की जरूरत है. जगत मांझी ने कहा कि आरोप प्रत्यारोप से समस्या का सामाधान नहीं होगा. पलायन को रोकना होगा. ईंट भट्टा में बिहार के मजदूर और रियल इस्टेट में बंगाल के मजदूर काम कर रहे हैं. स्थानीय मजदूरों को यहां काम देने की जरूरत है. इसके लिए कानून भी बनाना होगा. प्रवासी मजदूरों के मौत पर उनके शव लाने का खर्च सरकार को वहन करना चाहिए.

युवाओ को नहीं मिल रहा रोजगार का अवसरः रागिनी

वहीं रागिनी सिंह ने कहा कि युवाओं को रोजगार का अवसर नहीं मिल रहा है. श्रमिकों को सुरक्षा के साथ उचित मजदूरी और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. खनन क्षेत्र के श्रमिकों की स्वास्थ्य की समस्या है. झरिया पुर्नवास की प्रक्रिया काफी धीमी है. संगठित मजदूरों के भुगतान में अनियमितता है. 12 घंटे काम लिया जा रहा है. कौशल विकास केंद्र में लूट खसोट हो रहा है.

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