रांची में देश के दूसरे जीएसटी ट्रिब्यूनल का आगाज़, अब हाईकोर्ट के चक्कर से मिलेगी राहत

Ranchi: झारखंड के उद्यमियों, व्यापारियों और करदाताओं के लिए दशकों की प्रतीक्षा और कानूनी पेचीदगियों का दौर अब समाप्त होता दिख रहा...

Ranchi: झारखंड के उद्यमियों, व्यापारियों और करदाताओं के लिए दशकों की प्रतीक्षा और कानूनी पेचीदगियों का दौर अब समाप्त होता दिख रहा है. रांची के खेलगांव हाउसिंग कॉलोनी (ब्लॉक-18) में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की बेंच ने विधिवत कामकाज शुरू कर दिया है. यह ईस्टर्न जोन का पहला और पूरे देश का दूसरा स्टेट जीएसटी ट्रिब्यूनल बन गया है.

व्यापार सुगमता की ओर बड़ा कदम

अब तक जीएसटी से जुड़े विवादों के लिए करदाताओं को सीधे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ता था, जो न केवल खर्चीला था बल्कि समय लेने वाली प्रक्रिया भी थी. इस ट्रिब्यूनल के शुरू होने से अब स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञों द्वारा मामलों की सुनवाई होगी, जिससे राज्य के निवेश और व्यापारिक माहौल को नई संजीवनी मिलने की उम्मीद है.

ट्रिब्यूनल के सुचारू संचालन के लिए दो प्रमुख सदस्यों की नियुक्ति की गई है, जिनमें तुषार कांत सत्पथी और विजय बिहारी महापात्रा शामिल हैं.

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किन मामलों का होगा निपटारा

आईटीसी विवाद: पिछले 5 वर्षों से लंबित इनपुट टैक्स क्रेडिट के सैकड़ों मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी.
टैक्स रेट: कर की दरों को लेकर होने वाली कानूनी व्याख्या और विवाद.
ई-वे बिल: परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तकनीकी खामियां.
सामान्य विवाद: छापेमारी से जुड़े मामलों को छोड़कर शेष सभी जीएसटी संबंधी अपीलें.

छोटे व्यापारियों के लिए संजीवनी

न्यायाधिकरण की स्थापना से सबसे बड़ी राहत छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को मिलेगी. हाईकोर्ट में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने की क्षमता न रखने वाले व्यापारियों के लिए अब रांची में ही अपनी बात रखने का सुलभ मंच उपलब्ध हो गया है.

संभावना जताई जा रही है कि हाईकोर्ट में लंबित पुराने मामलों को भी जल्द ही इस ट्रिब्यूनल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी.

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