Gumla: जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और इनमें हो रही मौतों को देखते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं आ पा रही है.
जिले के उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से आम लोगों से विशेष अपील की है. उन्होंने अभिभावकों से कहा है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को कभी भी बाइक न चलाने दें. उनका कहना है कि जब नाबालिग बच्चे सड़कों पर वाहन लेकर निकलते हैं, तो कई बार वे सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हो जाते हैं.
उपायुक्त ने कहा कि किसी दुर्घटना के बाद न सिर्फ परिवार, बल्कि प्रशासन को भी दुख होता है. प्रशासन अपनी ओर से लगातार कार्रवाई करता है, लेकिन यदि अभिभावक इस विषय को गंभीरता से लें तो निश्चित रूप से बच्चों की जान सुरक्षित रखी जा सकती है.
उन्होंने कहा कि कई बार सड़कों पर नाबालिग बच्चे बाइक चलाते हुए दिखाई देते हैं. ऐसे मामलों में प्रशासन कार्रवाई करते हुए जुर्माना भी लगाता है, लेकिन इसके बावजूद अभिभावक इस विषय को गंभीरता से नहीं लेते और वही बच्चे दोबारा सड़कों पर वाहन चलाते हुए नजर आते हैं, जो चिंता का विषय है.
नशे में वाहन चलाना भी बन रहा हादसों की वजह
उपायुक्त ने कहा कि कई बार लोग शराब या अन्य नशे का सेवन कर वाहन चलाते हैं, जिसके कारण वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं. यह भी गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने लोगों से अपील की कि कभी भी नशे की हालत में वाहन न चलाएं. प्रशासन की ओर से इसको लेकर भी लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.
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सहयोग के बिना नहीं मिलेगी सफलता: SP
जिले में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर एसपी हरीश बिन जमुआ का मानना है कि प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई तभी पूरी तरह सफल हो पाएगी, जब इसमें समाज और विशेष रूप से नाबालिग बच्चों के अभिभावकों का सहयोग मिलेगा.
उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से लगातार सख्ती बढ़ाई जा रही है, ताकि लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके. लेकिन देखने में आता है कि कार्रवाई के बावजूद कई लोग बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं और अंततः सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं.
एसपी ने कहा कि जब तक लोग स्वयं ट्रैफिक नियमों का पालन करने का संकल्प नहीं लेंगे, तब तक प्रशासन की कार्रवाई शत-प्रतिशत सफल नहीं हो सकती.
स्कूलों और कॉलेजों में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि विभाग की ओर से लगातार स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.
बच्चों को विशेष रूप से यह समझाया जा रहा है कि बालिग होने से पहले वाहन न चलाएं और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें. नशा न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि नशे की हालत में वाहन चलाने से सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है.
उन्होंने कहा कि गुमला जिले में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब सड़क दुर्घटना में किसी की जान न जाती हो. यदि इन दुर्घटनाओं को रोकना है, तो प्रशासन के साथ आम लोगों को भी कदम से कदम मिलाकर चलना होगा और यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करना होगा.
प्रशासन का मानना है कि जागरूकता, जिम्मेदारी और नियमों के पालन से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है तथा लोगों की बहुमूल्य जान बचाई जा सकती है.


