दिल्ली शराब नीति केस: बरी होने के बाद केजरीवाल का भावुक बयान, कहा- ‘मैं कट्टर ईमानदार हूं’

Delhi: दिल्ली की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब राउज एवेन्यू की स्पेशल कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल...

Delhi: दिल्ली की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब राउज एवेन्यू की स्पेशल कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को आबकारी नीति मामले में आरोपों से मुक्त कर दिया. हालांकि, फैसले के कुछ ही घंटों बाद सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दे दी. अब हाई कोर्ट इस अपील पर सुनवाई की तारीख तय करेगा.

भावुक दिखे केजरीवाल

कोर्ट से राहत मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए. उन्होंने कहा, “मैं भ्रष्ट नहीं हूं. मैं कट्टर ईमानदार हूं.” इसके बाद वह अपने घर पहुंचे, जहां परिवार ने उनका स्वागत किया. उनके साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे, जिन्हें भी इस मामले में राहत मिली है. वहीं, घर से पार्टी दफ्तर तक जाते समय समर्थकों ने जुलूस निकाला. केजरीवाल कार की सनरूफ से बाहर आकर हाथ हिलाते दिखे. फूल बरसाए गए, बैंड बजे और उन्हें गदा भी भेंट की गई. आम आदमी पार्टी के लिए इसे बड़ी राजनीतिक जीत के तौर पर पेश किया गया.

बीजेपी पर सीधा हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के खिलाफ किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से चलाया गया.

उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि दिल्ली में दोबारा चुनाव कराए जाएं. उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी 10 से ज्यादा सीटें जीतती है, तो वह राजनीति छोड़ देंगे.

दिल्ली चुनाव और बड़ा झटका

फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 में से 48 सीटें जीतकर 27 साल बाद सत्ता में वापसी की. आम आदमी पार्टी, जो 2020 में 62 सीटें जीत चुकी थी, घटकर 22 सीटों पर सिमट गई. खुद अरविंद केजरीवाल अपनी नई दिल्ली सीट भी हार गए, जो उनके लिए बड़ा प्रतीकात्मक झटका माना गया.

बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली की जनता पहले ही केजरीवाल को सजा दे चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और सीबीआई अपील दाखिल कर रही है.

क्या है आबकारी नीति मामला?

यह मामला 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ा है. आरोप था कि इस नीति को कुछ शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किया गया और बदले में कथित तौर पर रिश्वत ली गई.

मार्च 2024 में प्रवर्तन निदेशालय ने केजरीवाल को गिरफ्तार किया था. वह करीब पांच महीने तिहाड़ जेल में रहे. सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली. जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद आतिशी मुख्यमंत्री बनीं.

मनीष सिसोदिया को इस मामले में फरवरी 2023 में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें अगस्त 2024 में जमानत मिली थी. चुनाव के समय तक आम आदमी पार्टी के कई बड़े चेहरे या तो जेल में थे या जमानत पर बाहर थे, जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़ा.

कोर्ट ने क्या कहा?

27 फरवरी 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को आरोपों से मुक्त कर दिया. स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में कहा कि सीबीआई यह साबित करने में नाकाम रही कि केजरीवाल इस नीति में किसी तरह की गड़बड़ी के “केंद्रीय पात्र” थे.

कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई दस्तावेज, फाइल नोटिंग, इलेक्ट्रॉनिक संदेश, लेन-देन या डिजिटल सबूत नहीं है, जो सीधे या परोक्ष रूप से केजरीवाल को कथित गड़बड़ी से जोड़ता हो. अदालत ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ आरोप मुख्य रूप से एक गवाह के बयान पर आधारित थे, जिसे पुख्ता सबूतों का समर्थन नहीं मिला.

बीजेपी ने दिया जवाब

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि कोर्ट ने सिर्फ सबूतों की कमी की बात कही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी ने पहले भी कहा था कि सबूतों को नष्ट किया गया. उनका कहना है कि अपील में कई अहम मुद्दे उठाए जाएंगे और वह मानते हैं कि केजरीवाल भ्रष्ट हैं.

अब इस मामले की अगली कड़ी दिल्ली हाई कोर्ट में तय होगी. वहां से आने वाला फैसला यह तय करेगा कि यह राजनीतिक लड़ाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी.

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