Click Here

JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों पर स्वतंत्र जांच की मांग, परीक्षा व्यवस्था में सुधार का सुझाव

Ranchi: JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों की शिकायतों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता और आदिवासी नेता अनिल अमिताभ पन्ना...

JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर ज्ञापन
JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर ज्ञापन

Ranchi: JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों की शिकायतों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता और आदिवासी नेता अनिल अमिताभ पन्ना ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और चार सदस्यीय मंत्रिमंडलीय शिकायत निवारण समिति को ज्ञापन सौंपा है. इसमें परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की स्वतंत्र जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार की मांग की गई है.

ज्ञापन में कहा गया है कि JPSC और JSSC की कई परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं. इनमें प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा एजेंसियों की भूमिका, OMR, मूल्यांकन, नॉर्मलाइजेशन, रिजल्ट और दस्तावेज सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं को लेकर शिकायतें शामिल हैं.

कई परीक्षाओं की समीक्षा और दोबारा परीक्षा की मांग

ज्ञापन में JPSC की 14वीं सिविल सेवा PT, सिविल सेवा बैकलॉग 2023 और 2025, 11वीं और 13वीं सिविल सेवा समेत कई परीक्षाओं की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की गई है. साथ ही 14वीं सिविल सेवा PT और अन्य उल्लेखित परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा कराने की मांग रखी गई है.

इसी तरह JSSC की CGL-2023, लेडी सुपरवाइजर, लैब असिस्टेंट, उत्पाद सिपाही, PGT-2023, माध्यमिक आचार्य और सहायक आचार्य कक्षा 6-8 जैसी परीक्षाओं की भी जांच और समीक्षा की मांग की गई है. ज्ञापन में कहा गया है कि जहां परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होना साबित हो, वहां पुनर्परीक्षा कराई जाए.

रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की निगरानी में जांच की मांग

ज्ञापन में मांग की गई है कि शिकायतों की जांच सामान्य विभागीय जांच तक सीमित न रहे. इसके लिए झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र समिति या SIT गठित कर समयबद्ध जांच कराई जाए. जरूरत पड़ने पर CBI या ED से भी जांच कराने का सुझाव दिया गया है.

साथ ही परीक्षा से जुड़े सर्वर, प्रश्नपत्र तैयार करने और प्रिंटिंग की प्रक्रिया, OMR स्कैनिंग, रिजल्ट डेटा, लॉगिन रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की गई है.

परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी सुधार का सुझाव

ज्ञापन में परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं. इनमें फाइनल आंसर की, स्कैन की गई OMR, रॉ मार्क्स, नॉर्मलाइज्ड मार्क्स, कैटेगरी वाइज कटऑफ और मेरिट लिस्ट सार्वजनिक करने की मांग शामिल है.

इसके अलावा परीक्षा से पहले नॉर्मलाइजेशन का फॉर्मूला जारी करने, बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन लागू करने, डिग्री और मार्कशीट का डिजिटल सत्यापन कराने तथा परीक्षा में साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद लेने का सुझाव दिया गया है.

IIT-ISM, IIM और XLRI के विशेषज्ञों की मदद लेने का सुझाव

अनिल अमिताभ पन्ना ने JPSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IIM, XLRI और IIT-ISM जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों की स्वतंत्र समिति बनाने का सुझाव दिया है. यह समिति परीक्षा प्रक्रिया, प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन, तकनीकी व्यवस्था और शिकायत निवारण की समीक्षा कर सकती है.

इसके अलावा परीक्षा एजेंसियों के चयन में सिर्फ कम बोली को आधार न बनाकर उनकी तकनीकी क्षमता, साइबर सुरक्षा और पुराने रिकॉर्ड को भी महत्व देने की बात कही गई है.

उम्र में छूट और नजदीकी परीक्षा केंद्र की मांग

ज्ञापन में कहा गया है कि कई वर्षों तक परीक्षाएं नहीं होने या देर से होने के कारण अभ्यर्थियों को उम्र में विशेष छूट दी जानी चाहिए, खासकर JPSC की परीक्षाओं में. साथ ही संभव होने पर अभ्यर्थियों को उनके गृह जिले या नजदीकी जिले में परीक्षा केंद्र देने की मांग की गई है.

ALSO READ: झारखंड बंद असरदार या बेअसर: भाजपा का दावा पूरी तरह रहा सफल, विपक्ष ने बताया राजनीतिक नौटंकी, संसद से सड़क तक गूंजा मुद्दा

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *