Giridih: राज्यव्यापी नशा मुक्ति अभियान के तहत बुधवार को गिरिडीह प्रखंड के मंगरोडीह पंचायत भवन में जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं और ग्रामीणों ने भाग लिया तथा नशामुक्त गांव एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया.
नशामुक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं नशे के खिलाफ जागरूक होकर मजबूती से खड़ी हों तो परिवार, गांव और समाज को नशे की बुराइयों से मुक्त किया जा सकता है. उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की. कार्यक्रम में जेएसएलपीएस के प्रबंधक जेवियर एक्का ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है. उन्होंने महिलाओं से अपने-अपने गांवों में जागरूकता फैलाने और नशामुक्त गांव के अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया.

नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प
सेमिनार के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने नशे के कारण परिवारों पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव, आर्थिक नुकसान और सामाजिक समस्याओं पर चिंता व्यक्त की. महिलाओं ने सामूहिक रूप से अपने गांवों को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया. इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने नशे के दुष्परिणामों पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसने लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया. वहीं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से नशा मुक्ति से संबंधित लघु फिल्मों और जागरूकता सामग्री का प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया.
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