फल खाना या जूस पीना: सेहत के लिए क्या हैं बेहतर?

News Wave Desk: अक्सर हम सोचते हैं कि एक गिलास ताजा जूस और एक पूरा फल बराबर हैं, लेकिन असलियत में दोनों...

News Wave Desk:  अक्सर हम सोचते हैं कि एक गिलास ताजा जूस और एक पूरा फल बराबर हैं, लेकिन असलियत में दोनों का असर शरीर पर अलग होता है. आइए समझते हैं कि जूस और साबुत फल में क्या फर्क है और क्यों फल खाना जूस पीने से ज्यादा फायदेमंद है.

फाइबर का महत्व

 

फलों में फाइबर होता है, जो पाचन के लिए जरूरी है. एक सेब में लगभग 4-5 ग्राम फाइबर होता है, लेकिन जब हम जूस बनाते हैं तो यह फाइबर लगभग खत्म हो जाता है. फाइबर पेट भरता है, पाचन को ठीक रखता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है.जूस में फाइबर न के बराबर होता है, जिससे कैलोरी और शुगर जल्दी खून में पहुंचती है.

चीनी और भूख पर असर

 

200 मिली संतरे के जूस के लिए 2-3 संतरे लगते हैं, लेकिन जूस पीना आसान है और जल्दी भी. जब हम फल चबाकर खाते हैं तो भूख जल्दी नहीं लगती, लेकिन जूस से पेट जल्दी भर जाता है और हम ज्यादा कैलोरी ले सकते हैं. रिसर्च से पता चला है कि साबुत फल टाइप 2 डायबिटीज का खतरा घटाते हैं, जबकि रोज जूस पीने से ये खतरा थोड़ा बढ़ता है.

पोषक तत्व और दांतों की सेहत

फलों के छिलके और गूदे में जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो जूस बनाते समय छूट जाते हैं. जूस में फाइबर नहीं होने से शुगर दांतों पर असर डाल सकती है और लार की कमी से दांतों को नुकसान हो सकता है. साबुत फल खाने से पोषक तत्व धीरे-धीरे मिलते हैं और पाचन सही रहता है.

जूस कब सही है?

हर बार जूस बुरा नहीं है. बुजुर्ग, बीमार या चबाने में दिक्कत वाले लोगों के लिए कभी-कभी जूस फायदेमंद हो सकता है. खेल या दौड़ के बीच ऊर्जा के लिए भी जूस ठीक है, लेकिन इसे रोज की आदत न बनाएं.

अगर जूस पीना ही है तो

  • छोटा गिलास (120-150 मिली) लें
  • गूदे वाला जूस चुनें
  • 100% जूस देखें, जिसमें शुगर न हो
  • खाली पेट न पिएं, थोड़े नट्स या दही के साथ लें
  • स्मूदी बेहतर है, जिसमें पूरा फल होता है

फल को खाना जूस पीने से कहीं ज्यादा फायदेमंद है. साबुत फल न सिर्फ विटामिन देते हैं, बल्कि फाइबर, तृप्ति और ऊर्जा भी धीरे-धीरे देते हैं. जूस कभी-कभार ठीक है, लेकिन रोजाना एक साबुत फल ही सेहत के लिए सही होता हैं.

Also Read: रांची के मई-जून के मौसम में सही फुटवियर कैसे चुनें?

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *