Ranchi: आंधी-पानी और मानसून के खतरे को भांपते हुए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने आर-पार की तैयारी शुरू कर दी है. बिजली विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार मानसून के दौरान बत्ती गुल की शिकायतें मिलीं, तो जवाबदेही तय होगी. विभाग ने एक सख्त आदेश जारी करते हुए पूरे राज्य में फॉल्ट निपटारे के लिए ‘क्विक रिस्पॉन्स’ रणनीति लागू कर दी है.
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लापरवाही बर्दाश्त नहीं
विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि मानसून के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. स्पेशल गैंग को सीधे क्षेत्रीय कर्मियों के साथ समन्वय कर बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. विभाग का यह आदेश यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि इस बार मानसून की पहली आंधी के साथ ही उपभोक्ताओं को अंधेरे का सामना न करना पड़े.
क्या है विभाग का नया आदेश और तैयारी?
• 24/7 विशेष गैंग: राज्य के सभी प्रमंडलों और शहरी क्षेत्रों में विशेष मरम्मत गैंग तैनात किए गए हैं, जो चौबीसों घंटे सातों दिन अलर्ट रहेंगे. इन टीमों का काम केवल फॉल्ट को ढूंढना और उसे तत्काल दुरुस्त करना होगा.
• ट्रांसफॉर्मर का जखीरा: विभाग ने विभिन्न क्षमताओं (25, 63, 100 और 200 केवीए) के ट्रांसफॉर्मरों का बड़ा स्टॉक तैयार कर लिया है ताकि खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने के लिए उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार न करना पड़े.
• पोल से लेकर उपकरणों तक की मॉनिटरिंग: मानसून में पोल गिरने और तार टूटने की घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में नए पोल की व्यवस्था की गई है. सभी डिवीजनों को उपकरणों की गुणवत्ता जांचने का सख्त निर्देश दिया गया है.
• निदेशक स्तर से सीधी निगरानी: इस बार केवल कागजी काम नहीं होगा, बल्कि निदेशक स्वयं पूरी स्थिति पर मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
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