Hazaribagh: आगामी मुहर्रम त्योहार को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए हजारीबाग जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है. सीसीआर में मीडिया को संबोधित करते हुए जिले के उपायुक्त हेमंत सती और पुलिस अधिकारी अमन कुमार ने सुरक्षा तैयारियों का पूरा ब्यौरा पेश किया. इस दौरान दोनों उच्च अधिकारियों ने संयुक्त रूप से आम जनता से त्योहार को हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की और स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बयान जारी करने के तुरंत बाद, जिला प्रशासन और पुलिस बल के जवानों ने सीसीआर कंट्रोल रूम से ही पूरे शहर के लिए एक भव्य फ्लैग मार्च की शुरुआत की. डीसी और एसपी के नेतृत्व में निकले इस फ्लैग मार्च ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों का भ्रमण किया. इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना को पुख्ता करना और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना है कि फिजा बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर प्रशासन सख्ती से निपटेगा.

शांति समिति की बैठकें संपन्न और रूटों का हुआ सत्यापन
कंट्रोल रूम में जानकारी देते हुए डीसी हेमंत सती ने बताया कि मुहर्रम को लेकर जिले के सभी थाना क्षेत्रों, अनुमंडल स्तर और जिला स्तर पर शांति समिति की बैठकें पूरी कर ली गई हैं. बैठकों में सभी समुदायों और शांति समिति के सदस्यों ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि हर साल की तरह इस साल भी त्योहार बहुत ही अमन-चैन और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाएगा. इसके साथ ही पुलिस अधिकारी अमन कुमार ने जानकारी दी कि जुलूस के सभी रूटों का पुलिस प्रशासन द्वारा भौतिक सत्यापन कर लिया गया है ताकि रूट में कहीं भी कोई समस्या या असुविधा न हो.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: RAF और CAPF संभालेंगी कमान
त्योहार में एहतियात के तौर पर पूरे जिले में भारी संख्या में दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जा चुकी है. जिले को अतिरिक्त सुरक्षा बल के रूप में रैपिड एक्शन फोर्स की एक कंपनी और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स की एक कंपनी मिली है. सीएपीएफ की कंपनी को विशेष रूप से बड़कागांव, सदर, पेलावल और लोहसिंघना जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा. इन सभी इलाकों की कड़ी निगरानी उसी सीसीआर कंट्रोल रूम से की जाएगी, जहां से हाई-टेक ड्रोन कैमरों और वीडियो कैमरों के लाइव फीड को चौबीसों घंटे मॉनिटर किया जाएगा. आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले भर में दस से अधिक क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैयार की गई हैं जो हर अनुमंडल में अलग से मुस्तैद रहेंगी और किसी भी आवश्यकता पर तुरंत रिस्पॉन्ड करेंगी.
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छड़वा डैम मेले के लिए की गई विशेष तैयारी
छड़वा डैम पर आयोजित होने वाले पारंपरिक मेले के लिए भी प्रशासन द्वारा मुस्तैद तैयारियां की गई हैं. प्रखंड विकास पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा खुद मेला स्थल का भ्रमण किया गया है. शांति समिति की मांग पर मेले स्थल से कुछ दूरी पर स्थित पांच फीट गहरे गड्ढे को मिट्टी भरकर समतल कर दिया गया है. इसके अलावा नगर निगम को तीन चलंत शौचालय लगाने और पर्याप्त वाटर टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. पूरे मेला परिसर में लाइटिंग की व्यापक व्यवस्था की गई है और वहां भी पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात रहेगी ताकि मेला शांतिपूर्वक संपन्न हो सके.
डीजे पर हाईकोर्ट की रोक: ‘चोंगा’ इस्तेमाल करने की अपील
हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन ने अखाड़ों और आम लोगों से चलन डीजे का उपयोग न करने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि तेज आवाज में डीजे बजाने से लोगों को काफी परेशानी होती है. राहत की बात यह है कि इस वर्ष कई लोग स्वतः जागरूक होकर डीजे की जगह पारंपरिक चोंगा का इस्तेमाल कर रहे हैं. प्रशासन ने सभी से यथासंभव कम आवाज और मर्यादित रूप से ही लाउडस्पीकर का उपयोग करने को कहा है.
हथियारों के प्रदर्शन पर सख्त रुख: रद्द होगा लाइसेंस, दर्ज होगा केस
जुलूस के दौरान अखाड़ों द्वारा हथियारों के प्रदर्शन और टॉय गन के बढ़ते चलन पर पुलिस अधिकारी अमन कुमार ने सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलूस में यदि कोई भी व्यक्ति लाइसेंसी हथियार भी लहराता या प्रदर्शित करता पाया गया, तो डीसी और एसपी मिलकर तुरंत उस आर्म्स का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई करेंगे और आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जुलूस में केवल पारंपरिक हथियारों के सीमित उपयोग की ही अनुमति है, डरावने या अवैध हथियारों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से खिलौना बंदूक का इस्तेमाल करने से बचने की अपील की है क्योंकि टॉय गन की आड़ में असामाजिक तत्व असली हथियारों का इस्तेमाल कर किसी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकते हैं, जिससे बाद में अखाड़ा समितियों और आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी.


