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EXCLUSIVE – झारखंड में कोरोना काल के बाद से नकली नोटों के बढ़े कारोबार, साल 2025 में टूटा हर साल का रिकॉर्ड, पढ़े पूरी रिपोर्ट

SAURAV SINGH Ranchi: झारखंड में जाली नोटों (फेक इंडियन करेंसी) का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. राज्य पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों...

SAURAV SINGH

Ranchi: झारखंड में जाली नोटों (फेक इंडियन करेंसी) का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. राज्य पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी किए गए पिछले छह साल (2020 से 2025) के आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य के अलग-अलग जिलों से कुल 92.58 लाख रुपया से अधिक के नकली नोट जब्त किए जा चुके हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि साल 2025 में जाली नोटों की तस्करी और जब्ती ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. केवल साल 2025 में ही कुल जब्ती का करीब 87% हिस्सा बरामद किया गया है. साल-दर-साल के आंकड़े बताते हैं कि कोरोना काल 2020 के बाद से नकली नोटों के अवैध बाजार में अचानक भारी तेजी आई है.

जाने किस साल कितने नकली नोट हुए बरामद:

– साल 2020: 90 हजार

– साल 2021: 4.06 लाख

– साल 2022: 5.11 लाख

– साल 2023: 34 हजार

– साल 2024: 1.38 लाख

– साल 2025: 80.76 लाख

– कुल योग: 92.58 लाख

जाने किस साल कौन से जिला से कितने नकली नोट हुए बरामद:

– साल 2020: इस साल कुल 90,820 रुपये बरामद हुए. सबसे बड़ी कार्रवाई चाईबासा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में हुई, जहां अक्टूबर महीने में 56,740 रुपया के जाली नोट पकड़े गए. इसके अलावा गिरिडीह के पचंबा से 23,600 और रांची के मांडर से 3,200 रुपया जब्त किए गए.

– साल 2021: सिमडेगा बना मुख्य केंद्र: इस साल जब्ती का आंकड़ा अचानक बढ़कर चार लाख के पार पहुंच गया. जनवरी 2021 में सिमडेगा जिले के बोलवा थाना क्षेत्र से अकेले 3.15 लाख रुपया के जाली नोट बरामद किए गए. इसके अलावा जमशेदपुर के मानगो से 59,950 और गोड्डा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से 22,000 रुपया जब्त हुए.

– साल 2022 में रांची के रातू में बड़ी कार्रवाई: साल 2022 में कुल 5.11 लाख रुपया के नकली नोट जब्त किए गए. जून महीने में रांची के रातू थाना क्षेत्र से पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 5.03 लाख रुपया की जाली करेंसी बरामद की, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए.

– साल 2023 और 2024: पलामू और साहिबगंज में कार्रवाई: यह साल तुलनात्मक रूप से शांत रहा और कुल 34,600 रुपया पकड़े गए, जिसमें पलामू के टाउन थाने से 29,000 रुपया की जब्ती शामिल थी.

– साल 2024: इस साल कुल 1.38 लाख रुपया जब्त किए गए. इसमें सबसे बड़ी बरामदगी जुलाई महीने में पलामू के पांकी थाना क्षेत्र से हुई, जहां 1.29 लाख रुपया के नकली नोट बरामद हुए. इसी साल साहिबगंज और गढ़वा से भी छोटी रकम बरामद की गई.

– साल 2025 में रांची का सुखदेव नगर बना जाली नोटों का सबसे बड़ा गढ़.

– साल 2025 झारखंड के इतिहास में नकली नोटों की जब्ती के मामले में सबसे भयावह साबित हुआ. इस साल कुल 80.76 लाख रुपया के नकली नोट जब्त किए गए. अगस्त 2025 में रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र से पुलिस ने राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी खेप पकड़ते हुए 68.5 लाख रुपये के नकली नोट जब्त किए.

– मार्च 2025 में जमशेदपुर के सीतारामडेरा से 6.50 लाख और अप्रैल 2025 में रेल धनबाद(साहिबगंज जिला क्षेत्र के तहत बरहरवा रेल थाना) से 4.12 लाख रुपया के नकली नोट बरामद किए गए. इसके अलावा गुमला के रायडीह से भी 1.30 लाख रुपया के नकली नोट की बरामदगी हुई.

सुरक्षा एजेंसियों की चिंता: साहिबगंज हॉटस्पॉट:

जाली नोटों के तस्करों ने साहिबगंज जिला व सीमावर्ती रेल रूट बरहरवा को अपना मुख्य ट्रांजिट हब बनाया है. साहिबगंज जिला में राधानगर और टाउन थाना में लगातार हर साल छोटी-बड़ी खेप का मिलना इस बात का संकेत है कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सीमा से सटे इलाके जाली नोटों की डंपिंग के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं. इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोटों का बाजार में आना अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है, जिसके पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है.

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