SAURAV SINGH
Ranchi: दो दशक तक झारखंड के जंगलों में जिसका नाम सुनते ही गांवों में दहशत फैल जाती थी, वह आखिरकार लातेहार पुलिस और सीआरपीएफ के शिकंजे में आ ही गया. सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह, आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह और लातेहार एसपी कुमार गौरव के द्वारा बनाए गए बेहतर रणनीति के वजह से हार्डकोर माओवादी 20 लाख रुपये का इनामी रविंद्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू को लातेहार के चंदवा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है. रविन्द्र गंझू के लातेहार, गुमला और लोहरदगा जिले में पुलिस पुलिसकर्मियों के साथ साथ ठेकदारों और ग्रामीणों को निशाना बनाने में की घटना में शामिल रहा उनसे इन तीनों जिले के अपने दस्ते के सदस्यों के साथ मिलकर 19 बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया. रविंद्र गंझू के खिलाफ लातेहार गुमला और लोहरदगा जिले के अलग-अलग थानों में कुल 154 मामले दर्ज हैं. आइए जानते हैं इस कुख्यात नक्सली के द्वारा किस-किस बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया गया.
जानें कौन है दो दशक से आतंक का पर्याय बना नक्सली रविंद्र गंझू
– नाम: रविंद्र गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू
– पिता का नाम: स्वर्गीय रामनाथ गंझू उर्फ राम अवतार गंझू
– निवासी: ग्राम हेसला, बांझी टोला, थाना- चंदवा, जिला- लातेहार
– संगठन में पद: रीजनल कमेटी सदस्य, भाकपा माओवादी
– इनाम की राशि: 15 लाख रुपये (झारखंड राज्य में) और एनआईए द्वारा पांच लाख का इनाम घोषित
– कुल दर्ज मामलों की संख्या: 154
19 बड़ी घटनाओं को दिया अंजाम पुलिसकर्मियों के साथ-साथ ग्रामीण और ठेकेदारों को बनाया अपना निशाना
– रविंद्र गंझू और उसके दस्ते ने झारखंड के लातेहार, लोहरदगा, गुमला में कई भीषण वारदातों को अंजाम दिया है, जिसमें पुलिस कर्मियों की शहादत, ग्रामीणों की मौत और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना शामिल है.
लेवी के लिए ठेकेदार पर हमला (26 फरवरी 2024)
लोहरदगा जिले के कुड़ू थाना अंतर्गत सुन्दरू और सरनातोली के बीच धोबदर नदी के पास सड़क निर्माण कार्य में लगे जेसीबी चालक धीरज सिंह (औरंगाबाद, बिहार) को माओवादियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था.
बुलबुल जंगल में पुलिस मुठभेड़ और आईईडी ब्लास्ट (10/11 फरवरी 2022)
लोहरदगा जिले के पेशरार थाना के बुलबुल जंगली क्षेत्रों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में कोबरा 203 बटालियन के जवान दिलीप कुमार और हवलदार नारायण दास घायल हो गए थे. पुलिस ने नक्सलियों का एक बंकर ध्वस्त कर वहां से नगद 18 हजार रुपया, नक्सली पोस्टर और आईईडी बनाने की सामग्री बरामद की थी.
कोबरा जवान पर हमला (12 फरवरी 2022)
लोहरदगा जिले के बुलबुल जंगल में ही पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान के दौरान माओवादियों ने विस्फोट किया, जिसमें कोबरा 209 बटालियन के जवान तोमेन कुमार घायल हो गए. मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक देसी हथियार, एक मैगजीन, 10 कारतूस, 2 डेटोनेटर और नक्सली वर्दी बरामद हुआ था.

आईईडी विस्फोट में महिला की मौत(22 अप्रैल 2022)
लोहरदगा जिले के पेशरार के बुलबुल जंगल में माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से स्थानीय ग्रामीण महिला सकिंता देवी की मौत हो गई थी.
आईईडी ब्लास्ट में एक और ग्रामीण महिला घायल (12 अप्रैल 2022)
लोहरदगा जिले के बुलबुल जंगल में ही नक्सलियों के आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से ललिता देवी नामक ग्रामीण महिला गंभीर रूप से घायल हो गई.
सेट जवान की शहादत (16 फरवरी 2021)
लोहरदगा जिले के सेरेंगदाग थाना अंतर्गत पीपाल गांव के पास जंगली क्षेत्र में रविंद्र गंझू के दस्ते द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट में सेट के जवान दिनेश्वर पराल शहीद हो गए थे.
ग्रामीण हीरालाल ताना भगत की मौत: (20 जून 2021)
लोहरदगा जिले के पेशरार थाना क्षेत्र के बुलबुल जंगल में नक्सलियों द्वारा छुपाकर लगाए गए आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से हीरालाल ताना भगत उर्फ वीर भगत की मौत हो गई थी.
गुमला के विशुनपुर में ग्रामीण बुद्धेश्वर नगेसिया की हत्या (18 अगस्त2021)
गुमला जिले के विशुनपुर थाना अंतर्गत जुड़वानी गांव के पास जंगल में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में ग्रामीण बुद्धेश्वर नगेसिया की मौत हो गई थी.
यह भी पढ़ें: BIT मेसरा ने की 72वें स्थापना दिवस समारोह की घोषणा, राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल
लैंडमाइन विस्फोट में सुपाल तुरी की मौत (22 दिसंबर 2021)
लोहरदगा सेरेंगदाग थाना अंतर्गत कुसुमडीह जंगल में नक्सलियों द्वारा किए गए लैंडमाइंस विस्फोट में ग्रामीण सुपाल तुरी की जान चली गई थी.
विशेष पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या (16 नवंबर 2020)
लोहरदगा जिले के सेरेंगदाग थाना क्षेत्र के मूंगो गांव में माओवादियों ने एसपीओ जागीर उरांव की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
पुल निर्माण साइट पर आगजनी और मुंशी की हत्या (18 नवंबर 2020)
लोहरदगा जिले के पेशरार थाना के कोनगधा गांव में पुल निर्माण कार्य में लगे एक जेसीबी और एक ट्रैक्टर को लेवी के लिए नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया और मुंशी विक्की गुप्ता का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी.
लातेहार के चंदवा पुलिस पीसीआर वैन पर घात लगाकर हमला (22 नवंबर 2019)
रविंद्र गंझू के नेतृत्व में माओवादी दस्ते ने चंदवा थाना क्षेत्र के लुकइया मोड़ पर पुलिस पीसीआर वैन पर सुनियोजित हमला किया था. इस कायरतापूर्ण हमले में चार पुलिसकर्मी शहीद हुए थे और नक्सली उनके हथियार व कारतूस लूटकर फरार हो गए थे.
विधानसभा चुनाव के दौरान पुल ध्वस्त करना (30 नवंबर 2019)
गुमला जिले के विशुनपुर थाना क्षेत्र के बानालात स्कूल जाने वाली सड़क पर बने अर्धनिर्मित पुल को चुनाव प्रभावित करने के उद्देश्य से नक्सलियों ने विस्फोट कर उड़ा दिया था.
