Hazaribagh : जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र स्थित कूद बस्ती में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया. अवैध महुआ शराब निर्माण के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि परिवार का एक सदस्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है. घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है. मृतकों की पहचान बड़की देवी (50 वर्ष), उनके देवर महेंद्र साव (45 वर्ष) और बड़की देवी के 25 वर्षीय पुत्र रवि कुमार के रूप में हुई है. वहीं बड़की देवी के पति आनंद साव (55 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है.


महुआ सड़ाने के लिए बनाया गया था नया सेफ्टी टैंक:
स्थानीय लोगों के अनुसार पीड़ित परिवार लंबे समय से महुआ शराब निर्माण के कारोबार से जुड़ा हुआ था. बताया जा रहा है कि शराब निर्माण के लिए परिवार ने हाल ही में एक नया सेफ्टी टैंक तैयार कराया था, जिसमें महुआ को सड़ाने के लिए रखा गया था. बीती रात टैंक से सड़ा हुआ महुआ निकालने के लिए सबसे पहले बड़की देवी नीचे उतरीं. काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकलीं तो परिवार के अन्य सदस्यों को चिंता हुई.
एक-दूसरे को बचाने उतरे, लेकिन सभी गैस की चपेट में आए:
बड़की देवी के बाहर नहीं आने पर उनके देवर महेंद्र साव टैंक के भीतर गए, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकले. इसके बाद बड़की देवी का पुत्र रवि कुमार अपनी मां और चाचा को देखने नीचे उतरा, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया. जब तीनों बाहर नहीं निकले तो अंततः आनंद साव टैंक में उतरे. वहां पहुंचते ही वह भी बेहोश हो गए. काफी देर तक किसी के बाहर नहीं आने पर घर और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय ग्रामीणों ने किसी तरह चारों को टैंक से बाहर निकाला. तब तक बड़की देवी, महेंद्र साव और रवि कुमार की मौत हो चुकी थी. गंभीर हालत में आनंद साव को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
जहरीली गैस से दम घुटने की आशंका:
प्राथमिक जानकारी के अनुसार टैंक के अंदर महुआ सड़ने से जहरीली गैस उत्पन्न हो गई थी. आशंका जताई जा रही है कि ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के कारण चारों लोग बेहोश हो गए. विशेषज्ञों के अनुसार बंद टैंक या गड्ढों में सड़े पदार्थों से मिथेन एवं अन्य जहरीली गैसें बन जाती हैं, जो कुछ ही सेकेंड में जानलेवा साबित हो सकती हैं.
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस:
घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अवैध शराब निर्माण का यह कारोबार कितने समय से चल रहा था और इसमें अन्य लोग भी जुड़े थे या नहीं. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से कूद बस्ती में शोक की लहर है. देर रात से ही मृतकों के घर पर लोगों की भीड़ जुटी रही. ग्रामीणों का कहना है कि परिवार आर्थिक तंगी के कारण महुआ शराब के कारोबार में लगा हुआ था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह काम पूरे परिवार पर इतना भारी पड़ जाएगा. घटना के बाद इलाके में अवैध शराब निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं.
