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कुटुंब न्यायालय की पहल से सुलझा पारिवारिक विवाद, लंबे समय बाद दंपति ने फिर थामा एक-दूसरे का हाथ

Pakur: व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित कुटुंब न्यायालय में लंबे समय से चल रहे एक पारिवारिक विवाद का सुखद अंत हुआ. न्यायालय की...

Pakur:  व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित कुटुंब न्यायालय में लंबे समय से चल रहे एक पारिवारिक विवाद का सुखद अंत हुआ. न्यायालय की सकारात्मक पहल और सफल मध्यस्थता के बाद पति-पत्नी के बीच के मतभेद दूर हो गए और दोनों ने पुनः साथ रहने की सहमति व्यक्त की.सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दोनों पक्षों को आपसी संवाद, धैर्य और समझदारी के माध्यम से विवाद का समाधान निकालने के लिए प्रेरित किया. न्यायालय के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया और दंपति ने पुराने मतभेद भुलाकर साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया.

परिवार को बताया समाज की महत्वपूर्ण इकाई

प्रधान न्यायाधीश ने दंपति को आपसी विश्वास, प्रेम और सम्मान के साथ पारिवारिक जीवन आगे बढ़ाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि परिवार समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है और अधिकांश पारिवारिक विवाद आपसी समझ एवं संवाद से सुलझाए जा सकते हैं. सुलह-समझौते के बाद न्यायालय परिसर का माहौल भावुक और सुखद हो गया. दोनों पक्षों के परिजनों ने न्यायालय की इस पहल की सराहना की और खुशी जताई. समझौते के बाद दंपति को न्यायालय से खुशी-खुशी विदा किया गया. इस पहल को न्यायालय द्वारा पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है.

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