Ranchi : झारखंड की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक का निधन हो गया है. उन्होंने रांची के पल्स हॉस्पिटल में अपनी अंतिम सांस ली. मन्नान मल्लिक काफी समय से बीमार चल रहे थे. उनके निधन की खबर से राज्य के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है. गौर करने वाली बात यह है कि उनके निधन से मात्र चार दिन पहले ही धनबाद की एक अदालत ने उन्हें 15 साल पुराने एक चर्चित मामले में सजा सुनाई थी.
मन्नान मल्लिक का राजनीतिक सफर
मन्नान मल्लिक झारखंड कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे. उन्होंने पार्टी के विस्तार और संगठन की मजबूती के लिए लंबा संघर्ष किया था. वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने धनबाद सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली पहली गठबंधन सरकार में उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी. वे लंबे समय तक धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर भी रहे और संगठन को मजबूती प्रदान की. मन्नान मल्लिक के निधन पर कांग्रेस पार्टी के कई बड़े नेताओं ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की है.

निधन से चार दिन पहले ही मिली थी 3 साल की सजा
मन्नान मल्लिक के निधन से ठीक चार दिन पहले धनबाद के बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. करीब 15 साल पुराने इस मामले में मन्नान मल्लिक भी आरोपी थे. जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने शुक्रवार को मन्नान मल्लिक समेत 30 आरोपियों को दोषी करार दिया था. अदालत ने भारतीय दंड संहिता IPC की धारा 147, 148 (दंगा फैलाने), 353 (सरकारी कार्य में बाधा डालने) और 435 (आगजनी) के तहत सभी को दोषी मानते हुए अधिकतम तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी.
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