Ranchi : राजधानी में जुलाई महीने का राशन वितरण गंभीर रूप से प्रभावित हो गया है. रांची के हजारों राशन कार्डधारक अब तक सरकारी अनाज से वंचित है. पीडीएस PDS दुकानों पर लाभुक रोज पहुंच रहे हैं, लेकिन डीलरों के पास वितरण के लिए अनाज नहीं है. इसका सीधा असर गरीब परिवारों पर पड़ रहा है. खासकर ऐसे समय में जब रथ मेला जैसे बड़े पर्व का दौर चल रहा है. इस समस्या की जड़ कडरू स्थित झारखंड राज्य खाद्य निगम JSFC के गोदाम में काम बंद होना है. गोदाम में अनाज मौजूद है, लेकिन मजदूरों के आंदोलन के कारण उसकी लोडिंग और अनलोडिंग का काम पूरी तरह ठप है. नतीजतन अनाज पीडीएस दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहा है.
मजदूर बोले- महीनों से नहीं मिला मेहनताना
मजदूर संघ के नेता ललित ओझा ने बताया कि गोदाम में दिहाड़ी मजदूर वर्षों से राशन उतारने और गाड़ियों में लोड करने का काम करते है. उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिलती. उनका आरोप है कि भुगतान मांगने पर ठेकेदार यह कहकर पल्ला झाड़ लेते है कि सरकार की ओर से फंड नहीं आया है. ललित ओझा ने कहा कि दिहाड़ी मजदूर रोज कमाकर अपने परिवार का पेट पालते है. ऐसे में कई-कई महीनों तक भुगतान नहीं होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने कहा कि यह समस्या नई नहीं है. पहले भी कई बार मजदूरों ने विरोध किया, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. मजबूर होकर अब मजदूरों को काम बंद करना पड़ा है.
नई व्यवस्था से रोजगार पर भी मंडरा रहा खतरा
मजदूरों की चिंता सिर्फ बकाया भुगतान तक सीमित नहीं है. केंद्र सरकार ने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में बदलाव करते हुए अगस्त से एफसीआई FCI से सीधे पीडीएस PDS दुकानों तक अनाज भेजने की नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है. अब तक अनाज पहले जेएसएफसी JSFC के गोदामों में आता था. जहां मजदूर उसकी ढुलाई और लोडिंग का काम करते थे. मजदूरों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद गोदामों में काम लगभग खत्म हो जाएगा. जिससे सैकड़ों दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो सकते है.

सबसे ज्यादा असर रांची अनुमंडल पर
रांची जिला के कडरू, कांके, नामकुम और ओरमांझी में जेएसएफसी JSFC के गोदाम है. इनमें कडरू गोदाम से रांची शहर और आसपास के अधिकांश क्षेत्रों में राशन भेजा जाता है. यही कारण है कि कडरू गोदाम में काम ठप होने से सबसे अधिक असर रांची अनुमंडल के लाभुकों पर पड़ा है. वार्ड 27 से 36 तक के करीब 150 पीडीएस डीलर अब भी अनाज मिलने का इंतजार कर रहे है. डीलरों का कहना है कि लाभुक लगातार फोन कर रहे है और दुकान पहुंच रहे है. लेकिन गोदाम से उठाव नहीं होने के कारण उनके पास वितरण के लिए कुछ भी नहीं है.
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