Palamu: मेदिनीनगर में कोयल नदी पर बन रहे नए पुल को लेकर पलामू वासियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है. सालों से भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या झेल रहे स्थानीय लोगों के लिए यह पुल किसी वरदान से कम नहीं होगा. राहत की बात यह है कि इस बहुप्रतीक्षित पुल का निर्माण कार्य इन दिनों युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिससे जल्द ही लोगों को इस गंभीर समस्या से हमेशा के लिए निजात मिलने की उम्मीद जगी है.
जल्द पूरा होगा काम,प्रोजेक्ट मैनेजर का बड़ा बयान
इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव रंजन पांडे उर्फ बबलू पांडे ने सकारात्मक भरोसा जताया है. उनका कहना है कि निर्माण कार्य की गति को देखते हुए यह पुल बहुत जल्द बनकर तैयार हो जाएगा और इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा. इस पुल के चालू होते ही मेदिनीनगर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहद सुगम और सुरक्षित हो जाएगी.
विकास की राह में ‘हाई वोल्टेज’ रोड़ा
तेजी से चल रहे इस निर्माण कार्य के बीच एक बेहद गंभीर और संवेदनशील समस्या भी खड़ी हो गई है. दरअसल, जहां पुल का निर्माण किया जा रहा है, ठीक उसी के ऊपर से 33 हजार वोल्ट की हाई टेंशन बिजली की तारें गुजर रही हैं. इन जानलेवा तारों के साए में काम करना निर्माण कार्य में जुटे मजदूरों और इंजीनियरों के लिए हर पल खतरा बना हुआ है, जिससे काम की रफ्तार भी प्रभावित हो रही है.

विद्युत विभाग की सुस्ती पर उठे सवाल
प्रोजेक्ट मैनेजर बबलू पांडे ने स्पष्ट किया कि इस हाई टेंशन लाइन को निर्माण स्थल से अविलंब हटाने के लिए बिजली विभाग को काफी पहले ही लिखित आवेदन दिया जा चुका है. लेकिन संवेदनशीलता दिखाने के बजाय बिजली विभाग अब तक गहरी नींद में सोया हुआ है. आवेदन दिए जाने के बाद भी विभाग की ओर से तारों को शिफ्ट करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
अब प्रशासन के एक्शन का इंतजार
बिजली विभाग का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया पलामू के इस बड़े विकास कार्य की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है. अब पूरी पलामू की जनता और निर्माण टीम की नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं. देखना यह होगा कि पलामू प्रशासन इस गंभीर और जानलेवा मामले पर कब संज्ञान लेता है और कब इन तारों को हटवाकर विकास के इस सफर को सुरक्षित और निर्बाध रास्ता देता है.
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