Ranchi: झारखंड के चर्चित गैंगस्टर हत्याकांड में सिर्फ इनाम की राशि ही बढ़ रही है, लेकिन पुलिस के लिए मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी बड़ी चुनौती बनी हुई है. गैंगस्टर विक्रम शर्मा के हत्यारों पर देहरादून पुलिस ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया है. इस मामले में जमशेदपुर के रहने वाले मुख्य आरोपी अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार, यशराज और जितेंद्र कुमार साहु दो महीनों से फरार चल रहे हैं. इन सभी के खिलाफ देहरादून पुलिस ने पहले 25-25 हजार रुपया का इनाम घोषित किया था, इसके बाद इसे बढ़ा कर 50-50 हजार किया गया और अब एक बार फिर से पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ाकर एक-एक लाख रुपया कर दी गई है.
पुलिस विक्रम शर्मा के शिष्य अखिलेश से भी कर चुकी है पूछताछ
जांच के दायरे में विक्रम शर्मा के शिष्य माने जाने वाले कुख्यात अखिलेश सिंह और गणेश सिंह भी हैं. जिनकी भूमिका पर पुलिस को संदेह है और जांच जारी है.
देहरादून के डालनवाला कोतवाली पुलिस झारखंड की जेल में बंद अखिलेश सिंह से भी पूछताछ कर चुकी है. विक्रम शर्मा झारखंड का कुख्यात अपराधी था और हत्या, हत्या के प्रयास तथा रंगदारी जैसे कई मामलों में वांछित रहा था.
आशुतोष ने लिखी थी हत्या की स्क्रिप्ट
पुलिस जांच में सामने आया है कि विक्रम शर्मा की हत्या किसी तात्कालिक रंजिश का नतीजा नहीं, बल्कि शूटर आशुतोष की ओर से रची गई हत्या की स्क्रिप्ट थी. आशुतोष को अच्छी तरह पता था कि विक्रम से सीधे टकराना आसान नहीं है. इसलिए उसने ऐसे लोगों को गिरोह में शामिल किया, जो खुद विक्रम के जुल्म और दबाव का दर्द झेल चुके थे.
इसी बीच उसके हाथ यशराज लगा, जो कि सारिका इंटरप्राइजेज, जमशेदपुर का मालिक है. जिस पर रेलवे फूड सप्लाई कांट्रैक्ट हथियाने के लिए विक्रम लंबे समय से दबाव बना रहा था. आठ वर्ष पहले जमशेदपुर पुलिस ने उसे देहरादून से गिरफ्तार किया था. जमानत पर बाहर चल रहा विक्रम देहरादून में गुपचुप तरीके से रह रहा था.
