Giridih: गिरिडीह जिले में ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-II की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में प्रखंडवार एवं योजनावार पेयजल आपूर्ति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्माणाधीन योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने कहा कि योजना का निर्माण पूरा होने के बाद उसका सुचारु संचालन एवं नियमित रख-रखाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है. अधिकारियों एवं अभियंताओं को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी करने तथा तकनीकी या संचालन संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया.
पेयजल व्यवस्था की होगी जांच
उपायुक्त ने जिले के सभी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में पेयजल की उपलब्धता और उसकी कार्यशीलता का सर्वे एवं सत्यापन कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जहां पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है या व्यवस्था पर्याप्त एवं कार्यशील नहीं है, वहां आवश्यक कार्रवाई करते हुए तत्काल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
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जल गुणवत्ता की नियमित जांच पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी उपायुक्त ने विशेष निर्देश दिए. जल स्रोतों एवं आपूर्ति किए जा रहे पानी की नियमित जांच कराने तथा गुणवत्ता संबंधी समस्या मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया. उन्होंने अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ जल जीवन मिशन के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने का निर्देश दिया.
स्वच्छ भारत मिशन फेज-II की भी हुई समीक्षा
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-II के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, ODF Plus Model Village, स्वच्छता गतिविधियों और निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने लंबित कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा. उन्होंने कहा कि पेयजल और स्वच्छता एक-दूसरे के पूरक हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वस्थ वातावरण के निर्माण के लिए पेयजलापूर्ति, जल गुणवत्ता, ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता गतिविधियों को समन्वित रूप से आगे बढ़ाना आवश्यक है. योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखते हुए अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया गया. बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, सहायक समाहर्ता यश कुमार, कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार समेत कनीय अभियंता, प्रखंड समन्वयक एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे.
