गिरिडीह: कर्णपुरा में बहुफसली जमीन पर स्टेडियम निर्माण के विरोध में फॉरवर्ड ब्लॉक का धरना, आंदोलन की चेतावनी

Giridih:बेंगाबाद प्रखण्ड के कर्णपुरा गांव में किसानों की बहुफसली कृषि भूमि पर प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण के विरोध सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर...

Giridih:बेंगाबाद प्रखण्ड के कर्णपुरा गांव में किसानों की बहुफसली कृषि भूमि पर प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण के विरोध सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की बेंगाबाद प्रखंड इकाई ने मंगलवार को प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. धरने के माध्यम से पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के समक्ष किसानों की जमीन, पेयजल संकट, विकास योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार तथा सड़कों के घटिया निर्माण जैसे कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. कार्यक्रम के बाद उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन भी प्रखंड प्रशासन को सौंपा गया.

धरना कार्यक्रम का नेतृत्व पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष शिवनंदन यादव, उपाध्यक्ष रामलाल मंडल और महासचिव शंभू ठाकुर ने किया. इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे. नेताओं ने कहा कि कर्णपुरा में किसानों की बहुफसली जमीन पर स्टेडियम निर्माण के लिए घेराबंदी की जा रही है, जबकि इस मामले में अदालत द्वारा कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है. इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर किसानों की बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

किसानों की उपजाऊ जमीन बचाने की उठी मांग

धरने को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि कर्णपुरा क्षेत्र की जमीन अत्यंत उपजाऊ है और यहां वर्ष भर विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं. ऐसी बहुफसली कृषि भूमि को खेल मैदान या अन्य परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित करना किसानों के हितों के खिलाफ है. उनका कहना था कि यदि स्टेडियम निर्माण की आवश्यकता है तो इसके लिए बंजर या अनुपयोगी भूमि का चयन किया जाना चाहिए, ताकि किसानों की आजीविका प्रभावित न हो.

नेताओं ने आरोप लगाया कि कृषि योग्य जमीन को बचाने की मांग कर रहे किसानों की आवाज को अनसुना किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों के सामने भविष्य में रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है, इसलिए सरकार और प्रशासन को इस विषय पर पुनर्विचार करना चाहिए.

विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप

धरने के दौरान फॉरवर्ड ब्लॉक नेताओं ने प्रखंड क्षेत्र में संचालित विकास योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि कई योजनाओं में खुलेआम कमीशनखोरी हो रही है और बिना पैसे के आम लोगों का कोई काम नहीं होता. नेताओं ने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालयों में आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर उसका अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं देता. उन्होंने प्रशासन से योजनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की.

घटिया सड़क निर्माण पर जताया रोष

धरना स्थल से नेताओं ने क्षेत्र में बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप था कि कई सड़कें निर्माण के कुछ ही महीनों बाद टूटने लगी हैं, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है और संबंधित एजेंसियों पर कोई प्रभावी निगरानी नहीं है. फॉरवर्ड ब्लॉक नेताओं ने मांग की कि सभी निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कराई जाए और मानक के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान

धरने में पेयजल समस्या भी प्रमुख मुद्दा रही. नेताओं ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र की कई जलापूर्ति योजनाएं या तो पूरी तरह बंद हैं या नाममात्र की संचालित हो रही हैं. इसके कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है. कई गांवों में लोग दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं. ऐसे में प्रशासन को बंद पड़ी जलापूर्ति योजनाओं को जल्द चालू करने और नई योजनाओं पर प्रभावी ढंग से काम करने की आवश्यकता है.

समस्याओं के समाधान की मांग

धरना कार्यक्रम में वक्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि किसानों की जमीन से जुड़े विवाद का न्यायसंगत समाधान निकाला जाए, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए, सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा पेयजल योजनाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जाए. उन्होंने कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.

बड़े आंदोलन की चेतावनी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी के जिला संयोजक एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेश यादव ने भी धरने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि जनता की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं और प्रशासन उनकी अनदेखी कर रहा है. यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो फॉरवर्ड ब्लॉक प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक बड़ा जनआंदोलन चलाने को बाध्य होगा.

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक गांव या एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों, मजदूरों और आम ग्रामीणों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है. इसलिए पार्टी जनता के साथ मिलकर संघर्ष जारी रखेगी.

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

धरना कार्यक्रम में शिवनंदन यादव, रामलाल मंडल, शंभू ठाकुर, मनोज यादव, संजय चौधरी, बलदेव साह, भुदाली पंडित, प्रेम साह, बलदेव मंडल, सुखदेव गोस्वामी, रियाज अंसारी, चोवा रजक, फोदार सिंह, भीम सिंह, खुभी यादव, सुरेंद्र यादव, इंद्रजीत यादव, दीपक यादव, प्रकाश यादव, गौरी देवी, सत्यनारायण साह, कलावती देवी, साहिना खातून, भूषणी देवी, दिनेश्वर यादव, मोहम्मद फरीद, लैला बीबी, रविका देवी, सोनिया देवी, उमेश यादव, महेश वर्मा समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे.

धरने के अंत में उपायुक्त के नाम संबोधित ज्ञापन प्रखंड प्रशासन को सौंपा गया, जिसमें सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई. फॉरवर्ड ब्लॉक नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने सकारात्मक पहल नहीं की तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

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