Ranchi: एनआइए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यू कुमार की अदालत ने व्यवसायियों को धमकाकर लेवी वसुलने का आरोपी नक्सली अनिश्चय गंझू को जमानत याचिका खारिज कर दी. मामले में अभियोजन की ओर से कहा गया कि आरोपी खतरनाक नक्सली है, इसके जेल से बाहर आने पर समाज को खतरा है, जबकि बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि दस सालों से आरोपी जेल में है, उतने दिनों के बाद भी मामले में बहूत कुछ नहीं हुआ है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए.

क्या है मामला
मामला वर्ष 2016 चतरा के टंडवा थाना का है. मामले में 12 नक्सलियों के खिलाफ टंडवा थाना में दर्ज किया गया था. उन नक्सलियों में विनोद गंझु, कोहराम जी, रविंद्र गंझु उर्फ आक्रमणजी, मुनेश गंझु, प्रदीप राम,बिरबल गंझु, गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ ब्रजेश गंझु, मुकेश गंझु, अनिश्चय गंझु, दीपू सिंह उर्फ भीखन, बिंदू गझु और भीखन गंझु शामिल हैं. मामले में सिमरिया थाना के दारोगा रामधारी सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया गया था. नक्सलियों पर लेवी वसुल कर रखने और उम्दा हथियार छिपा कर रखने का आरोप लगा था. बाद में टंडवा थाना के उक्त केस को एनआइए ने टेक ओवर किया था. उसी मामले में अभी सुनवाई चल रही है.
