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गिरिडीह: हूल दिवस पर झामुमो ने अमर शहीदों को किया नमन, सिदो-कान्हू के बलिदान को बताया आज भी प्रेरणा का स्रोत

Giridih: हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला कार्यालय, गिरिडीह में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया...

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Giridih: हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला कार्यालय, गिरिडीह में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस दौरान हूल क्रांति के अमर शहीद सिदो, कान्हू, चांद और भैरव सहित सभी वीर शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई. कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए किए गए ऐतिहासिक आंदोलन को याद किया.

समाज को अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देता है

कार्यक्रम में नगर निगम की महापौर प्रमिला मेहरा, उप महापौर सुमित कुमार, झामुमो के जिला अध्यक्ष संजय सिंह, कृष्ण मुरारी शर्मा, मेहताब मिर्जा सहित बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे. सभी ने शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हूल केवल एक विद्रोह नहीं था, बल्कि अन्याय, शोषण और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आदिवासी समाज के स्वाभिमान और अधिकारों की ऐतिहासिक लड़ाई थी. सिदो-कान्हू और उनके साथियों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. उनका बलिदान आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देता है.

झारखंड सहित देश के कई हिस्सों में हूल दिवस मनाया जाता है

बताया गया की हर वर्ष 30 जून को झारखंड सहित देश के कई हिस्सों में हूल दिवस मनाया जाता है. वर्ष 1855 में इसी दिन संथाल परगना के भोगनाडीह गांव से सिदो और कान्हू मुर्मू के नेतृत्व में अंग्रेजी शासन, जमींदारों और महाजनों के अत्याचार के खिलाफ ऐतिहासिक संथाल हूल (विद्रोह) की शुरुआत हुई थी. इस आंदोलन में हजारों आदिवासियों ने भाग लिया और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया. हालांकि अंग्रेजों ने इस विद्रोह को क्रूरता से दबा दिया, लेकिन इस आंदोलन ने देश के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और आदिवासी अस्मिता व स्वाभिमान का प्रतीक बन गया. कार्यक्रम के अंत में झामुमो नेताओं ने सभी शहीदों को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने और सामाजिक न्याय, समानता तथा जनहित के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया. श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भी हूल क्रांति के वीर शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प व्यक्त किया.

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