Gumla: झारखंड सरकार किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है. लेकिन गुमला जिले के कई ग्रामीण इलाकों में किसानों का कहना है कि उन्हें इन योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. किसानों के अनुसार उन्हें बीज, खाद और दवाइयां अपने खर्च पर खरीदनी पड़ती हैं, जबकि कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी समय पर नहीं मिलती.
किसान शनिचरा खड़िया ने बताया…
पालकोट के किसान शनिचरा खड़िया ने बताया कि समय पर बारिश नहीं होने से उन्हें नदी और तालाबों से पानी लाकर खेतों की सिंचाई करनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि यदि सरकार सोलर पंप उपलब्ध कराए तो किसानों को काफी राहत मिल सकती है. वहीं किसान नीतीश कुमार का कहना है कि सरकार किसानों के लिए कई योजनाओं की घोषणा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका लाभ नहीं पहुंच पाता. उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो भविष्य में लोग खेती से दूरी बनाने लगेंगे.
किसान बिस्वा उरांव ने बताया कि सरकारी सहयोग नहीं मिलने के कारण वे मजबूरी में अपने संसाधनों से खेती कर रहे हैं. वहीं किसान राजदीप प्रसाद ने कहा कि कई बार कृषि कार्यालय जाने के बाद भी सही जानकारी नहीं मिलती. उनका मानना है कि यदि समय पर सहायता मिले तो खेती का रकबा और उत्पादन दोनों बढ़ सकते हैं.
जिला कृषि पदाधिकारी शुभम प्रिया ने बताया…
इस मामले पर गुमला की जिला कृषि पदाधिकारी शुभम प्रिया ने बताया कि धान बीज की खरीद लैम्प्स के माध्यम से की जाती है. उन्होंने कहा कि लक्ष्य के मुकाबले केवल 46 प्रतिशत धान बीज का उठाव हुआ, जिसमें से 95 प्रतिशत किसानों के बीच वितरित किया जा चुका है. उन्होंने माना कि किसानों और विभाग के बीच संवाद की कमी है. इसे दूर करने के लिए किसान मित्रों को सक्रिय किया जा रहा है और गांवों में लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि किसानों तक योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं समय पर पहुंचाई जा सकें.
