Hazaribagh : उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने राजस्व संग्रहण और आंतरिक संसाधनों की समीक्षा बैठक में सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य हर हाल में समय पर प्राप्त किए जाएं. उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय, नियमित अनुश्रवण और समयबद्ध कार्रवाई के जरिए न केवल राजस्व संग्रह बढ़ाया जाए, बल्कि आम नागरिकों को भी निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं. आयुक्त कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित बैठक में वन, उद्योग, विद्युत, उत्पाद, परिवहन, निबंधन, खनन, वाणिज्यिक कर, नगर निगम, कृषि, सहकारिता, बाजार समिति, भू-संरक्षण, माप-तौल समेत राजस्व अर्जित करने वाले सभी प्रमुख विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई.
जनशिकायतों और न्यायालयीन मामलों पर विशेष जोर
बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि आम जनता से प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध अनुपालन करने का निर्देश दिया. साथ ही सेवा अधिकार अधिनियम के तहत नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने, पारदर्शिता बनाए रखने और सरकारी संसाधनों के सदुपयोग पर भी जोर दिया.

मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश
वन विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जंगलों में वन्यजीवों के लिए पूरे वर्ष पेयजल उपलब्ध कराने हेतु चेक डैम, तालाब और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया जाए. उन्होंने मानव-हाथी संघर्ष वाले संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा.

बिजली विभाग को अल्टीमेटम, 24 से 48 घंटे में बदलें खराब ट्रांसफॉर्मर
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त ने बकाया बिजली बिलों की वसूली में तेजी लाने और बड़े बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ट्रांसफॉर्मरों को 24 से 48 घंटे के भीतर हर हाल में बदलना सुनिश्चित किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके. खनन विभाग की समीक्षा में आयुक्त ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए नियमित जांच, संयुक्त छापेमारी अभियान और कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इससे राजस्व संग्रह में वृद्धि के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी.
GST संग्रह बढ़ाने और कर अनुपालन मजबूत करने पर जोर
वाणिज्यिक कर विभाग की समीक्षा के दौरान GST सहित अन्य करों के संग्रह की प्रगति की समीक्षा की गई. आयुक्त ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, कर अनुपालन को मजबूत करने और निर्धारित राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. नगर निगम की समीक्षा के दौरान सरकारी कार्यालयों और परिसरों में स्ट्रीट लाइट, नियमित साफ-सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए. आयुक्त ने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
प्रतिबंधित भूमि के निबंधन में बरतें पूरी सावधानी
निबंधन विभाग की समीक्षा के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गैर-मजरूआ और प्रतिबंधित भूमि के निबंधन से जुड़े मामलों में सरकारी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए. उन्होंने दस्तावेजों और अभिलेखों का पूरी तरह सत्यापन करने के बाद ही निबंधन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया. उत्पाद विभाग की समीक्षा में आयुक्त ने कहा कि सीमावर्ती जिले अवैध शराब निर्माण और तस्करी के लिहाज से संवेदनशील हैं. उन्होंने इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने और राजस्व लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए.
स्कूली वाहनों की सुरक्षा से समझौता नहीं
परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि जिन स्कूल बसों, ओमनी वैन और अन्य स्कूली वाहनों का फिटनेस, निबंधन या परमिट समाप्त हो चुका है, उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए. आयुक्त ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. कृषि विभाग की समीक्षा में किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और कृषि सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. आयुक्त ने बीज वितरण की नियमित मॉनिटरिंग करने और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए.
अनुपस्थित अधिकारियों पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर प्रमंडलीय आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने भविष्य में सभी अधिकारियों को समीक्षा बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और अनुपस्थिति की स्थिति में पूर्व अनुमति लेने का निर्देश दिया. बैठक में हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, चतरा और रामगढ़ के अपर समाहर्ता, नगर आयुक्त, वन प्रमंडल पदाधिकारी, विद्युत कार्यपालक अभियंता, संयुक्त आयुक्त (वाणिज्यिक कर), जिला परिवहन पदाधिकारी, सहायक आयुक्त (उत्पाद), जिला खनन पदाधिकारी, कृषि और सहकारिता विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
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