Ranchi: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज सदर अस्पताल, रांची में निजी अस्पतालों के साथ एक कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने की. इसमें जिले के प्रमुख निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों के प्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यशाला में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत ABHA ID, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, HMIS इंटीग्रेशन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने अस्पताल प्रतिनिधियों को इन सभी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण भी दिया. सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिया कि वे अगले 15 दिनों के भीतर ABDM Enabled HMIS का इस्तेमाल शुरू करें. उन्होंने कहा कि 30 अगस्त 2026 तक सभी निजी अस्पतालों में यह सिस्टम लागू होना अनिवार्य है. तय समय तक नियमों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

हर मरीज का ABHA ID बनाने का निर्देश
बैठक में यह भी बताया गया कि अस्पतालों में आने वाले हर मरीज का ABHA ID बनाया जाए और उसे उनके डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड से जोड़ा जाए. साथ ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े अस्पतालों को चेतावनी दी गई कि यदि उनके यहां ABDM Enabled HMIS लागू नहीं हुआ तो भविष्य में योजना के तहत मिलने वाले भुगतान पर असर पड़ सकता है. कार्यशाला में अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों के लिए Health Facility Registry और Health Professional Registry में पंजीकरण कराना अनिवार्य है. जिन संस्थानों का HPR पंजीकरण पूरा नहीं होगा, उनके Clinical Establishments Act का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा. कार्यक्रम में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, झारखंड के अधिकारियों ने डिजिटल हेल्थ सिस्टम को समय पर लागू करने और सभी स्वास्थ्य संस्थानों से इसमें सक्रिय सहयोग करने की अपील की.


