Hazaribagh: बरही विधानसभा क्षेत्र का पांच बार प्रतिनिधित्व कर चुके 98 वर्षीय वयोवृद्ध पूर्व विधायक बाबू निरंजन सिंह ने झारखंड की मौजूदा राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्थिति पर चिंता जताई है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य की व्यवस्था में सुधार नहीं होने की स्थिति में राष्ट्रपति शासन लागू करने पर विचार करने की मांग की है. पूर्व विधायक ने अपने पत्र में राज्य में विकास की गति धीमी होने, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली तथा युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है. उन्होंने कहा है कि रोजगार के बेहतर अवसरों के अभाव में बड़ी संख्या में युवाओं को पलायन करना पड़ रहा है.

राजनीतिक सुचिता में गिरावट पर जताई चिंता
निरंजन सिंह ने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर भी चिंता व्यक्त करते हुए राजनीतिक सुचिता में गिरावट का मुद्दा उठाया. उन्होंने प्रधानमंत्री से झारखंड के गांवों की जमीनी समस्याओं पर विशेष ध्यान देने तथा विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारने की अपील की.
व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो राष्ट्रपति शासन पर विचार की मांग
पूर्व विधायक का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार राज्य की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में अपेक्षित सुधार लाने में सक्षम नहीं होती है, तो राज्यहित में राष्ट्रपति शासन लागू करने के विकल्प पर विचार किया जाना चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्राचार कर झारखंड की मौजूदा परिस्थितियों और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर अपनी राय रखी है. 98 वर्षीय पूर्व विधायक द्वारा उठाए गए इन मुद्दों ने झारखंड की राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति को लेकर एक नई बहस को जन्म दिया है.
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