Ranchi: रांची सिविल कोर्ट के एमपी/एमएलए के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत में पूर्व मंत्री सह विधायक सरयू राय से जुड़े गोपनीय दस्तावेज लीक मामला में सुनवाई हुई. मालमले में स्वास्थ्य कर्मी शंभू सिंह को आरोपी बनाने को लेकर अभियोजन की ओर से दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई पूरी हो गई. अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. इस मामले में अब फैसला 13 जुलाई को सुनाया जाएगा. बता दें कि गोपनीय दस्तावेज लीक करने के मामले में अभियोजन की ओर से स्वास्थ्य कर्मी शंभू सिंह को आरोपी बनाने को लेकर याचिका दाखिल की गयी है. मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पूर्व अपर सचिव ने डोरंडा थाना में साल 2022 में सरयू राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें गोपनीय दस्तावेज को लीक करने का आरोप लगाया गया था. सिविल कोर्ट रांची के एमपी/एमएलए के विशेष अदालत ने आपराधिक साजिश रचकर स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग से संचिका के गोपनीय पन्नों की चोरी करने के आरोप में विधायक सरयू राय के खिलाफ दाखिल की गयी. अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लिया था.
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चार्जशीट में क्या?
आरोप पत्र में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के आप्त सचिव आसिफ एकराम सहित 6 गवाहों के नाम शामिल हैं. मामले में एमपी/एमएलए के विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में ट्रायल चल रहा है, जिसमें आइओ सहित 12 लोगों की गवाही चुकी है. मामले में जांच पूरी करते हुए आइओ दारोगा नागेश श्रीवास्तव ने करीब ढाई साल बाद अपराध को सही पाते हुए अदालत में षडयंत्र तथा विभिन्न धाराओं के अलावा गोपनीय दस्तावेज लीक की धारा तहत प्राथमिकी दर्ज की है. विधायक सरयू राय ने गोपनीय दस्तावेज को हासिल कर बाद में मीडिया को जानकारी दी थी. सरयू राय तात्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर पद का दुरूपयोग करते हुए विभाग के 60 कमर्चारियों को प्रोत्साहन राशि भुगतान करने का आरोप लगाया था. उसके बाद ही विधायक के खिलाफ डोरंडा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.

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