Hazaribagh: पुलिस की पहचान केवल कानून लागू करने से नहीं, बल्कि जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार और निष्पक्ष सुनवाई से भी होती है. इसका उदाहरण उस समय देखने को मिला जब बरही डीएसपी राधा प्रेम किशोर एक मामले की जांच के सिलसिले में चौपारण पहुंचे.
आम लोगों के बीच बैठकर सुनी बात
जांच के दौरान डीएसपी ने औपचारिकता से दूर रहते हुए कुर्सी पर बैठने के बजाय आम लोगों के बीच जमीन पर बैठकर दोनों पक्षों की बातें गंभीरता और धैर्यपूर्वक सुनीं. उन्होंने सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया और निष्पक्ष ढंग से तथ्यों को समझने का प्रयास किया.
लोगों के बीच बनी चर्चा
डीएसपी की सादगी और सहज व्यवहार वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. लोगों ने कहा कि जब कोई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बिना किसी दिखावे के आम नागरिकों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनता है, तो पुलिस के प्रति विश्वास स्वतः बढ़ जाता है.
संवेदनशील कार्यशैली के लिए पहचान
राधा प्रेम किशोर अपनी शांत, संवेदनशील और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए लगातार लोगों के बीच पहचान बना रहे हैं. उनका मानना है कि प्रभावी पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की बात सुनकर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा देना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.

सादगी और संवेदनशीलता का संदेश
चौपारण में उनकी यह पहल यह संदेश देती है कि पुलिस और जनता के बीच मजबूत संबंध बनाने के लिए संवेदनशीलता, सादगी और निष्पक्षता सबसे बड़ी ताकत है.
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