Hazaribagh: बड़कागांव एनटीपीसी पंकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना से प्रभावित ध्वस्त किए गए विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर अंचल कार्यालय परिसर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया. धरना की अध्यक्षता डॉ. मिथिलेश कुमार दांगी ने की, जबकि संचालन डाड़ीकला पंचायत के मुखिया इलियास अंसारी ने किया.धरना के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने एनटीपीसी परियोजना के कारण प्रभावित गांवों में शिक्षा एवं बाल विकास व्यवस्था को शीघ्र बहाल करने की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. धरना स्थल पर बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, अंचल अधिकारी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी पहुंचे, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों की समस्याएं सुनीं और ज्ञापन प्राप्त किया.
कई विद्यालयों को 4–5 वर्ष कर दिया गया पूर्व ध्वस्त
धरना में बताया गया कि एनटीपीसी पंकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना के कारण बड़कागांव पश्चिमी क्षेत्र के कई विद्यालयों को 4–5 वर्ष पूर्व ध्वस्त कर दिया गया. लेकिन आज तक उनके स्थान पर नए भवनों का निर्माण नहीं कराया गया.प्रभावित विद्यालयों में उत्क्रमित मध्य विद्यालय मंझली डाड़ी, मध्य विद्यालय सोनबरसा, प्राथमिक विद्यालय चुरूडीह, उर्दू मध्य विद्यालय नगरडीह, प्राथमिक विद्यालय डलगंडीह, मध्य विद्यालय सिंदवारी तथा प्राथमिक विद्यालय उरूब शामिल हैं. इसके अलावा आठ आंगनबाड़ी केंद्र भी ध्वस्त कर दिए गए. धरना में कहा गया कि वर्तमान में इन विद्यालयों को अन्य स्थानों पर संचालित किया जा रहा है, जो प्रभावित गांवों से काफी दूर हैं. छोटे-छोटे बच्चों को लंबी दूरी तय कर विद्यालय जाना पड़ता है, जिसके कारण कई बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी है और उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है. वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों के ध्वस्त होने से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को मिलने वाली पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी बाधित हो गई हैं.
NTPC के विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा एवं आने-जाने के लिए परिवहन सुविधा की मांग
प्रमुख मांगें डाड़ीकला पंचायत के टोला चिचाल में बसे विस्थापित परिवारों के बच्चों के लिए शिशु वर्ग से इंटर तक की शिक्षा व्यवस्था की जाए. सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को उन स्थानों पर पुनर्स्थापित किया जाए, जहां प्रभावित गांवों के विस्थापित परिवार वर्तमान में रह रहे हैं.पंकरी बरवाडीह परियोजना की पुनर्वास कॉलोनी में प्राथमिक एवं उच्च विद्यालय की स्थापना की जाए.जब तक नए विद्यालयों का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक प्रभावित गांवों के बच्चों को एनटीपीसी के विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा एवं आने-जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए.

कई लोग रहे उपस्थित
डाड़ीकला, चेपाखुर्द एवं कनकी डाड़ी गांवों के विस्थापित परिवारों का सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ एक स्थान पर पुनर्वास किया जाए. धरना में मुख्य रूप से डॉ. मिथिलेश कुमार दांगी, मुखिया इलियास अंसारी, चेपाकला मुखिया अनिकेत नायक, मुखिया संघ अध्यक्ष रंजीत महतो, जिला परिषद प्रतिनिधि मोहम्मद इब्राहिम, दिलेश्वर महतो, राजेश यादव, राजेश महतो, बुधन महतो, संतोष कुमार, दसनी देवी, सावित्री देवी, विमला देवी, रीता देवी, मंजू देवी, सरस्वती देवी, संतोषी माता, टिकलाल महतो, जीतन महतो, लखन महतो, निरंजन महतो, शंकर महतो, सवीलाल महतो, मनीष कुमार, प्रेम कुमार, संजीत कुमार, कृष्ण कुमार, नीतू कुमारी, सनम, अंशु, सोनाली कुमारी, करीना कुमारी, रुबी कुमारी, सोनम कुमारी, आर्यन कुमार, सुरेंद्र महतो, जगदीश महतो, लल्लन महतो, जीतू महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं विस्थापित परिवारों के लोग उपस्थित थे.
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