Hazaribagh: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने वाले होमगार्ड जवान इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. जवानों का आरोप है कि पिछले दो महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जबकि तीसरा महीना भी शुरू हो चुका है. वेतन नहीं मिलने से कई जवानों के परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है.
सड़क पर ड्यूटी, घर में आर्थिक तंगी
होमगार्ड जवानों का कहना है कि वे तेज धूप, बारिश और खराब मौसम के बीच लगातार चौराहों पर ड्यूटी कर रहे हैं. शहर की यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए घंटों खड़े रहने के बावजूद समय पर भुगतान नहीं मिलने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है. जवानों ने बताया कि किसी के घर में बीमारी का इलाज कराना है, तो किसी के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. कई जवान मजबूरी में कर्ज लेकर घर का खर्च चला रहे हैं.

समोसा-जलेबी खाकर निभा रहे ड्यूटी
जवानों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान कई बार जेब में पैसे नहीं होने के कारण भरपेट खाना तक नहीं मिल पाता. मजबूरी में वे समोसा, जलेबी या चाय के सहारे घंटों की ड्यूटी पूरी कर रहे हैं. उनका कहना है कि आर्थिक परेशानी का असर अब स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है, लेकिन जिम्मेदारी के कारण वे लगातार अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं.

बारिश में भी सुविधाओं का अभाव
होमगार्ड जवानों के अनुसार बरसात के मौसम में भी उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. कई जगहों पर रेनकोट और खड़े होने के लिए शेड की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें बारिश में भी ड्यूटी करनी पड़ती है.
उधार लेकर चल रहा परिवार का खर्च
वेतन नहीं मिलने के कारण कई जवान रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर घर चला रहे हैं. जवानों का कहना है कि अब कई जगहों से उधार मिलना भी बंद हो गया है. दवा, बच्चों की फीस और जरूरी खर्चों को पूरा करना चुनौती बन गया है.
प्रशासन से वेतन भुगतान की मांग
होमगार्ड जवानों ने प्रशासन से लंबित वेतन का जल्द भुगतान कराने की मांग की है. उनका कहना है कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ शहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं, इसलिए समय पर वेतन मिलना जरूरी है.
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