Hazaribagh: जिले के केरेडारी और पगार ओपी थाना क्षेत्र अंतर्गत चंद्रगुप्त कोल ट्रांसपोर्टिंग परियोजना परिसर के समीप शुक्रवार तड़के सुरक्षा बलों और कुख्यात राहुल दुबे गैंग के बीच सीधी मुठभेड़ हो गई. लेवी न देने पर कोल प्रोजेक्ट में दहशत फैलाने, फायरिंग करने और धमकी भरा पर्चा छोड़ने आए अपराधियों ने जब पुलिस की घेराबंदी देखी,तो भागते हुए अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया. आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में गैंग का मुख्य शूटर रागिब अफजल दाहिने पैर में गोली लगने से मौके पर ही ढेर होकर गिर पड़ा. वहीं पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसके सहयोगी जितेंद्र सोनी को भी खदेड़कर दबोच लिया. घायल अपराधी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है.
पुलिस पर झोंकी 3-4 राउंड फायरिंग
मामले का विस्तृत ब्योरा देते हुए वरीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक को 23-24 जुलाई की दरमियानी रात गुप्त सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गैंग के गुर्गे चंद्रगुप्त माइंस परियोजना के आसपास देखे गए हैं. सूचना पर तुरंत एक्शन लेते हुए एसडीपीओ बड़कागांव अमित आनंद के नेतृत्व में संयुक्त टीम का गठन कर पूरे इलाके को सील कर दिया गया. तड़के करीब 3:20 बजे एक अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध पुलिस की गाड़ी की तरफ आते दिखे. पुलिस वाहन को देखते ही दोनों हड़बड़ा गए और बाइक छोड़कर जंगल की ओर भागने लगे. पीछा किए जाने पर अपराधियों ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए 3 से 4 राउंड सीधी फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस की ओर से की गई सटीक जवाबी फायरिंग में डाडीकला निवासी रागिब अफजल घायल हो गया.
20-30 हजार रुपये का लालच देकर बनाई जा रही थी रेकी टीम
मुठभेड़ के बाद पकड़े गए अपराधियों के पास से एक देशी पिस्टल, तीन मोबाइल फोन और चोरी की अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई है. पुलिस ने जब मोबाइलों का तकनीकी विश्लेषण किया तो बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए. मोबाइलों में राहुल दुबे से हुई सीधी बातचीत,मैसेजेस,अधिकारियों व कर्मचारियों की रेकी के वीडियो, फोटोग्राफ्स और कई प्रमुख लोगों के मोबाइल नंबर बरामद हुए हैं. गिरफ्तार जितेंद्र सोनी ने पुलिस को बताया कि वह पहले इलाके में ड्राइवरी का काम करता था. रागिब अफजल ने उसे हर महीने 20 से 30 हजार रुपये देने का लालच देकर गैंग से जोड़ा था और उसका काम केवल प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों और गाड़ियों के फोटो व नंबर उपलब्ध कराना था, ताकि राहुल दुबे गैंग उनसे रंगदारी वसूल सके.
पॉक्सो केस में 13 महीने जेल काट चुका है घायल रागिब अफजल
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि घायल अपराधी रागिब अफजल का पूर्व से ही आपराधिक इतिहास रहा है.उसने स्वीकार किया है कि वह पूर्व में एक पॉक्सो मामले में करीब 13 महीने तक जेल की हवा खा चुका है. पुलिस फिलहाल उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य थानों में दर्ज मुकदमों का सत्यापन कर रही है. वहीं पूछताछ में यह भी साफ हुआ कि ट्रांसपोर्टिंग कंपनी द्वारा रंगदारी न देने पर कुछ दिनों पहले भी इन अपराधियों ने कर्मचारियों को धमकाकर उपद्रव मचाया था.
SDPO अमित आनंद के नेतृत्व में पुलिस टीम को मिली बड़ी सफलता
इस पूरे हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर और सर्च ऑपरेशन का नेतृत्व एसडीपीओ बड़कागांव अमित आनंद कर रहे थे. इस सफल अभियान में बड़कागांव के पु०नि० साहित रज़ा, केरेडारी थाना प्रभारी वेद प्रकाश पांडे,पगार ओपी प्रभारी दिनेश मंडल, स०अ०नि० सिद्धेश्वर पंडित और केरेडारी व पगार थाने के सशस्त्र बल के जवानों की सराहनीय भूमिका रही. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और गिरोह के अन्य स्लीपर सेल्स व सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी अभियान चला रही है.
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