Hazaribagh : विनोबा भावे विश्वविद्यालय में कार्यरत एक शिक्षक ने विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव पर जातिसूचक टिप्पणी और अपमानजनक व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है, इस मामले को लेकर बीएड विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. भगवत राम ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
फरवरी से रुका है वेतन, आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार

डॉ. भगवत राम, जो वर्ष 2017 से संत कोलंबा कॉलेज में कार्यरत हैं, ने बताया कि फरवरी 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना के उनका वेतन रोक दिया गया है, वेतन न मिलने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है, उन्होंने भावुक होते हुए कहा:म मेरी मां लकवा से पीड़ित हैं और उनके इलाज पर हर महीने भारी खर्च होता है, वेतन बंद होने के कारण न तो मां का इलाज करा पा रहा हूँ और न ही दैनिक जरूरतों को पूरा कर पा रहा हूँ.
कुलसचिव कार्यालय में अपमान का आरोप
आवेदन के अनुसार, 2 मई 2026 को डॉ. भगवत राम बीएड शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के साथ वेतन के संबंध में बात करने विश्वविद्यालय पहुंचे थे, डॉ. राम का आरोप है कि जब वे कुलसचिव कक्ष में दाखिल हुए, तो प्रभारी कुलसचिव ने उनके साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, उन्होंने आरोप लगाया कि कुलसचिव ने उन्हें “नीच”, “अछूत” और “मरा हुआ मांस खाने वाला” जैसे अत्यंत अपमानजनक शब्द कहे और कक्ष से बाहर निकालने का आदेश दिया.
निजी कर्मी पर कॉलर पकड़कर बाहर निकालने का आरोप
पीड़ित शिक्षक ने यह भी आरोप लगाया कि कुलसचिव के निर्देश पर उनके निजी कर्मी ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और कॉलर पकड़कर चैंबर से बाहर निकाल दिया। इस घटना के बाद डॉ. भगवत राम ने हजारीबाग एसपी और अनुसूचित जाति-जनजाति थाना में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है.
विश्वविद्यालय परिसर में आक्रोश
इस घटना के बाद से विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है, शिक्षक संघ ने इस व्यवहार की निंदा की है और उचित जांच की मांग की है, फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
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