Ranchi : झारखंड की वित्तीय सेहत को सुधारने और विकास योजनाओं को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार अब फुल एक्शन मोड में आ गई है. वित्त विभाग ने कमर कसते हुए राज्य के आठ सबसे महत्वपूर्ण राजस्व विभागों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व वसूली का लक्ष्य थमा दिया है. विभाग की ओर से जारी कड़े आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि अब फाइलों की सुस्ती नहीं, बल्कि धरातल पर वसूली की सख्ती देखी जाएगी.
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लक्ष्य बड़ा है, चुनौती कड़ी है
वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र में अपर मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों को दो-टूक निर्देश दिया गया है कि विधानसभा से पारित बजट के अनुरूप राजस्व संग्रहण में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सरकार ने इन 8 विभागों के लिए कुल 64,300 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है.
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किस विभाग के कंधे पर कितना बोझ
इस मिशन में सबसे बड़ी जिम्मेदारी खान एवं भूतत्व विभाग को दी गई है, जिसे 27,000 करोड़ का लक्ष्य मिला है. वहीं, राज्य की रीढ़ माने जाने वाले वाणिज्य कर विभाग को 24,000 करोड़ रुपये वसूलने का टारगेट दिया गया है.
विभागवार राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य
विभाग निर्धारित लक्ष्य (करोड़ में)
• खान एवं भूतत्व विभाग 27,000
• वाणिज्य कर विभाग 24,000
• उत्पाद एवं मद्य निषेध 4,500
• परिवहन विभाग 2,700
• भू-राजस्व विभाग 2,000
• निबंधन प्रभाग 1,800
• वन एवं पर्यावरण विभाग 1,300
• जल संसाधन विभाग 1,000
