Ranchi : झारखंड सरकार का कल्याण विभाग इन दिनों ज़बरदस्त कल्याण मोड में आ गया है. अब विभाग अपनी सेहत और शानो-शौकत दोनों को चमकाने की तैयारी में है. मामला कुछ ऐसा है कि अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने अपने कार्यालय उपयोग की सामग्रियों की दर तय करने के लिए टेंडर निकाला है. अब साहब लोग दफ़्तर में सिर्फ फ़ाइलें ही नहीं पलटेंगे, बल्कि ग्रीन टी की चुस्कियों के साथ काजू फ्राई का मज़ा भी लेंगे. विभाग द्वारा जारी सूची में कुल 137 सामग्रियां शामिल हैं.
काजू, किशमिश और बाबू लोगों की फरमाइश
सरकारी दफ़्तरों में थकान मिटाने के लिए इस बार विशेष ध्यान दिया गया है. लिस्ट में ‘ग्रीन टी’, ‘काजू फ्राई’, ‘किशमिश’, ‘न्युट्री च्वाईस बिस्कुट’, ‘दूध’, ‘चीनी’ और ‘चायपत्ती’ को प्रमुखता से शामिल किया गया है. इतना ही नहीं, इन्हें परोसने के लिए ‘स्टील के चम्मच’, ‘कप सेट’, ‘थर्मस (मिल्टन)’ और ‘शीशे के गिलास’ की भी पुख्ता व्यवस्था की जा रही है.
साहब की गाड़ियों और मेहमाननवाज़ी का इंतजाम
अफ़सरों के कमरों को महकाने के लिए ‘रूम फ्रेशनर’, ‘ओडोनील’ और ‘कार परफ्यूम’ मंगाया जा रहा है. मेहमानों के लिए ‘बिस्लेरी पानी (250 एमएल और 1 लीटर)’ की व्यवस्था है, तो अफ़सरों के आराम के लिए ‘दरी, चादर और आसन’ की भी डिमांड की गई है.
फाइल और टेकुआ का पुराना याराना
स्टेशनरी के नाम पर वैसे तो कंप्यूटर, यूपीएस, पेनड्राइव, हार्ड डिस्क और कई तरह के प्रिंटर टोनर मंगाए जा रहे हैं, लेकिन डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी ‘टेकुआ’, ‘सुतरी’, ‘गार्ड फ़ाइल’, ‘निर्गत पंजी’, ‘प्यून बुक’ और ‘मूवमेंट रजिस्टर’ जैसी ठेठ पारंपरिक चीजों का जलवा बरकरार है.
साफ़-सफ़ाई और चमचमाते दफ़्तर
बाबू लोग जब काजू खाकर उठेंगे, तो हाथ धोने के लिए ‘हैंडवॉश’ और फर्श चमकाने के लिए ‘फिनाइल, ‘लाइजोक साबुन’, ‘विम बार’, ‘स्क्रॉच ब्राइट’, ‘सर्फ एक्सेल’, ‘पोछा’, ‘बाल्टी, मग’ और ‘कॉलिन’ तक की लंबी-चौड़ी लिस्ट तैयार है.
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