Ranchi/Bundu: कॉमरेड घासीराम मुंडा की 5वीं पुण्यतिथि के अवसर पर बुंडू प्रखंड अंतर्गत हेसादा गांव में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. सभा से पूर्व महंगाई, पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में ग्रामसभा को मजबूत करने, रायसा जलाशय परियोजना रद्द करने तथा नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी के साथ मार्च निकाला गया.

कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत कॉमरेड घासीराम मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई. इसके बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने विभिन्न जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया.
महंगाई और ईंधन कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना
सभा को संबोधित करते हुए ग्रामीण जिला सचिव जगमोहन महतो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस दिनों में चार बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत बढ़ने से खाद्य वस्तुओं समेत अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी वृद्धि होगी और इससे देश का आर्थिक संकट और गहराएगा.
वहीं गौतम सिंह मुंडा ने कहा कि आदिवासियों को “वनवासी” कहे जाने का मुद्दा उनकी सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति से जुड़े अस्तित्व को कमजोर करने का प्रयास है. उन्होंने इसे आदिवासी समाज के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों पर कॉरपोरेट कब्जे को बढ़ावा देने वाली सोच करार दिया.
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रायसा जलाशय परियोजना के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प
सभा को संबोधित करते हुए ठाकुरा मुंडा ने कहा कि खूंटकट्टी क्षेत्र में ग्रामसभा की सहमति के बिना रायसा जलाशय परियोजना को लागू नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करना और ग्रामसभा के अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है. साथ ही रायसा जलाशय परियोजना के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प ही कॉमरेड घासीराम मुंडा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
कार्यक्रम में रामेश्वर मुंडा, पार्वती मुंडा, कालीपद मुंडा, दुर्योधन मुंडा, पूर्णचंद्र मुंडा, डोमा मुंडा, दुलाल मुंडा, जगन मुंडा, पुष्कर मुंडा, जयंती मुंडा, गौर सिंह मुंडा, बिरसा मुंडा, मगन मुंडा, संजय मुंडा, लखिन्द्र मुंडा, महाबीर मुंडा, गुरुवारी मुंडा, रामकिस्टो मुंडा, बयार मुंडा एवं मालती मुंडा सहित कई ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे.
