Ranchi/Delhi: पिछले लगभग एक वर्ष से ज्यादा समय से जेल में बंद निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली है. विनय चौबे ने अपनी बेल के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसे शीर्ष अदालत ने स्वीकार कर लिया है. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अरविन्द कुमार और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच में विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. झारखंड हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद विनय चौबे ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल कर बेल की गुहार लगाई थी. इससे पहले 28 अप्रेल को झारखंड हाईकोर्ट ने विनय चौबे को जमानत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

जिस मामले में विनय चौबे ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है वह हजारीबाग जिले में हुआ लैंड स्कैम का मामला है. ACB ने इस संबध में कांड संख्या 11/2025 दर्ज की है. इस केस में विनय चौबे के करीबी विनय सिंह उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन सीओ शैलेश कुमार और ब्रोकर विजय सिंह समेत 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है.सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद अब विनय चौबे जेल की सलाखों के बाहर आ सकते हैं क्योंकि जिन जिन मामलो में उन्हें आरोपी बनाया गया था उसमे उन्हें पहले ही बेल मिल चुकी है.
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