Ranchi : मानव तस्करी और अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर रोक लगाने के लिये राजधानी में सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस सम्मेलन में भारत और अमेरिका के अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षकों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकी वाणिज्य दूतावास, कोलकाता की ओर से किया गया. इस दौरान चर्चा हुई कि मानव तस्करी करने वाले गिरोह किस तरह के लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं और उनसे निपटने के लिए दोनों देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है. वक्ताओं ने कहा कि तस्करी का सबसे ज्यादा असर गरीब और कमजोर लोगों पर पड़ता है. इसलिए उन्हें जागरूक करना और सुरक्षा देना बेहद जरूरी है.
मानव तस्करी समाज के लिये गंभीर चुनौती
अमेरिकी महावाणिज्यदूत कैथी गाइल्स डियाज़ ने कहा कि मानव तस्करी केवल अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर चुनौती है. इससे लोगों का शोषण होता है और कई परिवार प्रभावित होते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे नेटवर्कों को खत्म करने के लिए देशों के बीच सहयोग बढ़ाना जरूरी है. कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने तस्करों की पहचान, अपराधियों तक पहुंचने के तरीके, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर अपने विचार साझा किए. साथ ही सूचना साझा करने और संयुक्त कार्रवाई को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया.
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