Lohardaga: रेलवे स्टेशन पर RPF और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त कार्रवाई में मानव तस्करी के एक मामले का खुलासा हुआ है. टीम ने चार नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित मुक्त कराया, जिन्हें नौकरी दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु ले जाने की तैयारी थी.

संदिग्ध हालात में मिलीं लड़कियां
गुप्त सूचना के आधार पर RPF और AHTU की टीम ने लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर निगरानी शुरू की. जांच के दौरान चार किशोरियां कुछ संदिग्ध लोगों के साथ मिलीं. पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर टीम ने उन्हें अपने संरक्षण में ले लिया.

गुमला की रहने वाली हैं सभी लड़कियां
मुक्त कराई गई चारों लड़कियां गुमला जिले की रहने वाली हैं. उनकी उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है. प्रारंभिक जांच में पता चला कि उन्हें बेहतर नौकरी और भविष्य का लालच देकर तमिलनाडु ले जाया जा रहा था.

दो आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी नंदकुमार वी (47) और गुमला जिले के विशुनपुर निवासी विनीता कुमारी (28) को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है.
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बाल कल्याण समिति को सौंपा जाएगा
पुलिस ने बताया कि सभी लड़कियों को कानूनी प्रक्रिया के बाद बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया जाएगा. परिजनों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बच्चों और किशोरियों को नौकरी या बेहतर भविष्य का लालच देकर बाहर ले जाने वालों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.

