Newswave Desk: घर खरीदना अधिकांश लोगों का सपना होता है और इसे पूरा करने के लिए लोग होम लोन का सहारा लेते हैं. लेकिन लंबी अवधि के होम लोन में ब्याज का बोझ भी काफी बड़ा होता है. कई बार लोग जितनी रकम लोन के रूप में लेते हैं, लगभग उतनी ही राशि ब्याज के रूप में बैंक को चुकानी पड़ती है. हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि ईएमआई में मामूली बढ़ोतरी कर लाखों रुपये की बचत की जा सकती है.
मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 8.25 फीसदी ब्याज दर पर 20 साल के लिए 1 करोड़ रुपये का होम लोन लिया है. इस स्थिति में उसकी मासिक ईएमआई करीब 85,207 रुपये होगी. 20 वर्षों में वह बैंक को कुल 2.04 करोड़ रुपये से अधिक चुकाएगा. इसमें 1 करोड़ रुपये मूलधन होगा, जबकि करीब 1.04 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में जाएंगे.

लेकिन यदि उधारकर्ता अपनी मासिक ईएमआई में सिर्फ 2,000 रुपये की बढ़ोतरी कर दे और हर महीने 87,207 रुपये जमा करे, तो उसका लोन लगभग 13 महीने पहले ही समाप्त हो सकता है. यानी 20 साल की जगह करीब 18 साल 11 महीने में पूरा कर्ज चुकाया जा सकता है.
कैसे होती है बचत ?
होम लोन के शुरुआती वर्षों में EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में चला जाता है, जबकि मूलधन बहुत धीरे-धीरे कम होता है. उदाहरण के तौर पर 1 करोड़ रुपये के लोन पर पहले महीने का ब्याज करीब 68,750 रुपये बनता है. ऐसे में सामान्य ईएमआई से मूलधन में केवल 16,457 रुपये की कमी आती है.
वहीं, जब हर महीने 2,000 रुपये अतिरिक्त जमा किए जाते हैं, तो यह पूरी राशि सीधे मूलधन को कम करती है. इससे बकाया लोन तेजी से घटता है और अगले महीनों में ब्याज भी कम राशि पर लगने लगता है. यही प्रक्रिया लंबे समय में बड़ी बचत का कारण बनती है.
एक अनुमान के अनुसार अतिरिक्त 2,000 रुपये की EMI देने पर एक साल बाद लोन बैलेंस सामान्य EMI की तुलना में करीब 25 हजार रुपये कम हो जाता है. पांच साल में यह अंतर बढ़कर लगभग 1.5 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. वहीं 10 साल बाद बकाया राशि में करीब 3.7 लाख रुपये का अंतर आ सकता है. 15 वर्षों के बाद यह अंतर करीब 7 लाख रुपये तक पहुंच जाता है. ऐसे में यदि आपकी आय इसकी अनुमति देती है, तो ईएमआई में छोटी-सी बढ़ोतरी कर न केवल होम लोन की अवधि कम की जा सकती है, बल्कि ब्याज के रूप में लाखों रुपये की बचत भी की जा सकती है.
