जमशेदपुर: टाटा मोटर्स के बर्खास्त कर्मी बंटी सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को टेल्को स्थित कंपनी गेट पर विरोध प्रदर्शन किया. पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत दोपहर ठीक एक बजे जैसे ही बंटी सिंह अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मोटरसाइकिल काफिले में पहुंचे, वहां अफरा-तफरी मच गयी. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और मौके पर तैनात पुलिस बल के बीच धक्का-मुक्की हुई.
जाने कैसे बढ़ा विवाद:
बंटी सिंह के पहुंचते ही समर्थकों ने कंपनी गेट के समीप लगाए गए सुरक्षा घेरे (बैरियर) को हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया. पुलिस द्वारा रोके जाने पर आंदोलनकारी उग्र हो गये और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गयी और पुलिस व समर्थकों के बीच झड़प और धक्का-मुक्की हुई.
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हालांकि मौके पर मौजूद प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया, लेकिन आंदोलनकारी अंत तक डटे रहे. बंटी सिंह ने कंपनी प्रबंधन और यूनियन पर कर्मचारियों पर जबरन स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना थोपने, आम सभा में लिए गये फैसलों को लागू न करने, डीए में कटौती और टी-ग्रेड बनाने जैसी मजदूर विरोधी नीतियां बनाने का आरोप लगाया. बंटी सिंह ने कहा कि यूनियन कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है.
छावनी में तब्दील रहा कंपनी गेट:
आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही कंपनी गेट पर भारी संख्या में पुलिस बल और कंपनी के सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया था. दोपहर एक बजे जब सैकड़ों युवाओं की टोली मोटरसाइकिल से पहुंची, तो पूरा इलाका नारों से गूंज उठा. प्रशासन के शांत कराने के बावजूद काफी देर तक प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहा.
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