Jamtara: जामताड़ा थाना क्षेत्र की चलना पंचायत अंतर्गत हरचंडी गांव में स्थापित किए जा रहे स्टोन क्रेशर प्लांट को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिना ग्राम सभा की अनुमति और स्थानीय लोगों की सहमति के क्रेशर का निर्माण कराया जा रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.

धूल और गंदे पानी के खेतों में पहुंचने से खेती प्रभावित होने की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित क्रेशर कृषि योग्य भूमि के समीप स्थापित किया जा रहा है. क्रेशर से निकलने वाली धूल और गंदे पानी के खेतों में पहुंचने से खेती प्रभावित होने तथा उपजाऊ भूमि के खराब होने की आशंका है. इसके अलावा ग्रामीणों के अनुसार क्रेशर स्थल से करीब 10 मीटर की दूरी पर वन विभाग की सीमा स्थित है. ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गांव में दो प्राथमिक विद्यालय हैं. क्रेशर के संचालन से निकलने वाली धूल और तेज आवाज से बच्चों के स्वास्थ्य एवं पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
ग्रामीणों का आरोप है कि क्रेशर स्थापना के लिए ग्राम सभा आयोजित नहीं की गई और न ही स्थानीय ग्रामीणों से सहमति या NOC ली गई. इसी के विरोध में मांझी हाड़ाम नारायण मुर्मू और ग्राम प्रधान रूविलाल मरांडी की अगुवाई में ग्रामीण एकजुट हुए हैं.
मौके पर ये रहे उपस्थित
विरोध में राजेन्द्र मुर्मू, अशोक हेम्ब्रम, श्रीकांत हेम्ब्रम, गोपाल टुडू, महात्तन हेम्ब्रम, रविन्द्र हेम्ब्रम, गोपाल सोरेन और मोहेलाल बास्की समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है.

