Jamtara: जिले में एक बार फिर प्रशासन ने बाल विवाह की घटना को समय रहते रोक दिया. बुधवार शाम करीब 5:30 बजे जामताड़ा स्थित प्रसिद्ध मां चंचला मंदिर परिसर में होने जा रही एक नाबालिग लड़की की शादी को प्रशासन ने रुकवा दिया. जानकारी के अनुसार, कर्माटांड़ थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की की शादी मां चंचला मंदिर में होने वाली थी. इस बीच किसी व्यक्ति ने मामले की सूचना उपायुक्त को दी. सूचना मिलते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने प्रभारी सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी तथा अंचलाधिकारी (सीओ) को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया. निर्देश के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भारी पुलिस बल के साथ मंदिर परिसर पहुंची. अधिकारियों ने लड़की के परिजनों से उसकी बालिग होने संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन परिजन कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके. इसके बाद अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए शादी रुकवा दी.
यह भी पढ़ें: पेट्रोल बम अटैक के आरोपी की गिरफ्तारी होते ही बढ़ेंगी मुश्किलें, UAPA की धाराओं में केस दर्ज
बाल विवाह दंडनीय अपराध, लोगों से जागरूक होने की अपील
प्रभारी सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, जामताड़ा मोहम्मद कयूम अंसारी ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया गया. उन्होंने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह दंडनीय अपराध है. प्रशासन की तत्परता और जागरूकता के कारण एक नाबालिग लड़की का भविष्य सुरक्षित हो सका. प्रशासन ने लोगों से बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ जागरूक रहने तथा ऐसी किसी भी सूचना की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है.
यह भी पढ़ें: जमशेदपुर: मामूली विवाद में खूनी संघर्ष, कुख्यात ‘चटनी डॉन’ गिरफ्तार, 15 आपराधिक मामले हैं दर्ज



