Ranchi : राज्य के विकास की गति को तेज करने के लिए जिस भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को बार-बार फील्ड बदलने और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए जाना जाता है, उनमें से कई अफसर किसी न किसी विभाग या पद पर सालों से जमे हुए हैं. आज हम आपको झारखंड कैडर के उन प्रमुख आइएएस अधिकारियों की फेहरिस्त दिखा रहे हैं, जो एक ही विभाग या जिम्मेदारी के साथ वर्षों से एक ही कुर्सी पर जमे हुए हैं. पढ़िए, न्यूज वेभ की खास रिर्पोट –
सुनील कुमार( 2247 दिन) : प्रधान सचिव रैंक के अफसर सुनील कुमार पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव हैं. इसके अलावा वे नगर विकास विभाग, एमडी जुडको, और एमडी जीआरडीए के भी अतिरक्त प्रभार में हैं. वे 24 अप्रैल 2020 से पथ निर्माण विभाग का दायित्व संभाल रहे हैं. आज की तारीख तक वे 2247 दिन से पथ निर्माण विभाग में ही मुस्तैदी से काम कर रहे हैं.
के. रवि कुमार (लगभग 2020 दिन) : कैबिनेट (चुनाव) विभाग में अपनी पकड़ बनाए रखने वाले के. रवि कुमार ने 07 दिसंबर 2020 को कार्यभार संभाला था. तब से लेकर आज यानी 27 जून 2026 तक, ये लगातार इस विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. 2020 दिनों का यह सफर यह बताने के लिए काफी है कि उन्हें उस विभाग का कितना बड़ा स्तंभ माना जाता है-
राहुल कुमार पुरवार (लगभग 1400 दिन) : उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में राहुल कुमार पुरवार 18 अगस्त 2022 से तैनात हैं. करीब 1400 दिनों से एक ही विभाग की फाइलें इनके हाथों से गुजर रही हैं.
प्रशांत कुमार (लगभग 1360 दिन) : जल संसाधन विभाग के साथ-साथ वित्त विभाग और जेएसएससी की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रशांत कुमार 27 सितंबर 2022 से इस कुर्सी पर हैं. इनके अतिरिक्त जिम्मेदारियों की फेहरिस्त भी लंबी है, लेकिन 1360 दिनों का एक ही विभाग में कार्यकाल चर्चा का विषय है.

प्रवीण टोप्पो (लगभग 1189 दिन) : कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में 17 मार्च 2023 से प्रवीत कुमार टोप्पो तैनात हैं.1189 दिनों से यह विभाग उनके मार्गदर्शन में चल रहा है.
राजेश सिंह (लगभग 1264 दिन) : सर्ड के निदेशक के रूप में राजेश सिंह 01 जनवरी 2023 से कार्यरत हैं. 1264 दिनों से वे इसी पद पर जमे हुए हैं-
अमल कृष्णा सत्यजीत (लगभग 1337 दिन) : राज्यपाल सचिवालय जैसे अति संवेदनशील विभाग में 20 अक्टूबर 2022 से अमल कृष्ण सत्यजीत पदस्थापित हैं. 1337 दिनों तक एक ही सचिवालय में बने रहना बड़े प्रशासनिक तालमेल को दर्शाता है.
अभयनंदन अंबष्ट (लगभग 1305 दिन) : महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग में 21 नवंबर 2022 से तैनात हैं. 1305 दिनों का लंबा कार्यकाल इस बात का प्रमाण है कि विभाग की कार्यप्रणाली में इनका कितना गहरा हस्तक्षेप है.
गोपालजी तिवारी (लगभग 1336 दिन) : कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग में 21 अक्टूबर 2022 से गोपालजी तिवारी सेवा दे रहे हैं. 1336 दिनों तक एक ही कृषि मंत्रालय में बने रहना विकास की राह में स्थिरता या ठहराव का विषय हो सकता है.
महत्वपूर्ण पदों पर कब से जमे हैं ये अफसर
• मनीष रंजन : 12 अगस्त 2024 से एटीआइ के डीजी हैं (675 दिन).
• अबुबकर सिद्दकी पी : 12 अगस्त 2024 से वन एवं पर्यावरण विभाग में जमे हैं (675 दिन).
• अरवा राजकमल : 12 अगस्त 2024 से भवन निर्माण विभाग और माइंस जैसे भारी-भरकम विभागों का जिम्मा इनके पास है (675 दिन).
• कृपानंद झा : 19 फरवरी 2025 से ST, SC कल्याण विभाग में तैनात हैं (484 दिन).
• उमाशंकर सिंह : 01 फरवरी 2024 से स्कूली शिक्षा विभाग की कमान संभाल रहे हैं (868 दिन).
• शशि प्रकास झा : 19 जून 2025 से एनएचएम में मिशन निदेशक हैं (364 दिन).
• सूरज कुमार : 19 जून 2025 से सूडा और स्मार्ट सिटी की कमान (364 दिन).
• मृत्युंजय कुमार वर्णवाल : 16 अक्टूबर 2024 से मनरेगा आयुक्त हैं (610 दिन).
• शशि रंजन सिंह (2013 बैच) : 07 अक्टूबर 2024 से जेइपीसी में (619 दिन).
• किरण कुमारी पासी : 07 अक्टूबर 2024 से समाज कल्याण निदेशालय में (619 दिन).
• विधानचंद्र चौधरी : 05 जनवरी 2024 से भवन निर्माण विभाग में तैनात हैं (895 दिन).
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