रांची: झारखंड में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ प्रशासन ने तकनीक का सहारा लेकर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. आंकड़ों के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में सैटेलाइट इमेज के जरिए अफीम की खेती की पहचान की जा रही है और उन पर त्वरित सत्यापन व कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है. वर्ष 2024 से 2026 तक के प्राप्त आंकड़ों से स्पष्ट है कि चतरा और खूंटी जैसे जिले अभी भी इस अवैध कारोबार के रडार पर हैं. पिछले तीन साल के दौरान झारखंड के आठ जिले में हो रहे अफीम की खेती को लेकर सेटेलाइट के माध्यम 316 इमेज( फोटो) झारखंड पुलिस को भेजी गई. जिनमें 286 फोटो के आधार पर कार्रवाई पुलिस के द्वारा की गई. पुलिस विभाग इन सैटेलाइट फ़ोटो का उपयोग दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों में छिपी अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए कर रहे हैं.
तीन साल में जाने किस जिले में अफीम की खेती को लेकर भेजे गए कितने सेटेलाइट इमेज:
– खूंटी जिले में अफीम की खेती को लेकर 63 इमेज भेजे गए जिनमें सभी पर कार्रवाई हुई.
– रांची जिले में अफीम की खेती को लेकर 24 इमेज भेजे गए जिनमें सभी पर कार्रवाई हुई.
– चतरा जिले में अफीम की खेती को लेकर 96 इमेज भेजे गए जिनमें सभी पर कार्रवाई हुई.
– पलामू जिले में अफीम की खेती को लेकर 21 इमेज भेजे गए जिनमें सभी पर कार्रवाई हुई.
– लातेहार जिले में अफीम की खेती को लेकर 24 इमेज भेजे गए जिनमें सभी पर कार्रवाई हुई.
– सरायकेला जिले में अफीम की खेती को लेकर 25 इमेज भेजे गए जिनमें सभी पर कार्रवाई हुई.
– चाईबासा जिले अफीम की खेती को लेकर 21 इमेज भेजे गए जिनमें 18 पर कार्रवाई हुई.
– रांची जिले में अफीम की खेती को लेकर 35 इमेज भेजे गए जिनमें 20 पर कार्रवाई हुई.
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