Ranchi : झारखंड सरकार ने राज्य में ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 को प्रभावी तरीके से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. गुरुवार को विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमों के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबू इमरान, नगर विकास विभाग के सचिव सुनील कुमार, पर्यावरण विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीक पी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव राजीव लोचन बक्शी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए.
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पंचायत स्तर पर बनेगा सेग्रीगेशन प्लांट, हर जिले में तैयार होंगे क्लस्टर.
बैठक में विकास आयुक्त ने सभी विभागों को विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उसे जमीन पर लागू करने का निर्देश दिया. उन्होंने उपायुक्तों को पंचायत स्तर पर कचरा पृथक्करण के लिए जगह चिन्हित करने और वहां प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की योजना बनाने को कहा. साथ ही हर जिले में दो से तीन क्लस्टर विकसित करने का निर्देश दिया गया, जहां वैज्ञानिक तरीके से कचरे की डंपिंग और प्रोसेसिंग की जा सके. डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी को जोड़ने और पंचायतों की जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया गया.
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ई-रिक्शा मॉडल और डंप साइट सफाई पर विशेष जोर.
विकास आयुक्त ने गांव स्तर पर कचरा संग्रहण के लिए ट्राई-साइकिल और विशेष डिजाइन वाले ई-रिक्शा के उपयोग पर बल दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि ई-रिक्शा में चार अलग-अलग डिब्बे हों ताकि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखा जा सके. इसके लिए विस्तृत एसओपी तैयार करने को कहा गया है. साथ ही सभी जिलों को डंप साइट की सफाई सुनिश्चित करने और खाली जमीन पर वृक्षारोपण की योजना बनाने का निर्देश दिया गया. बैठक में यह भी साफ किया गया कि कचरा प्रोसेसिंग प्लांट आबादी वाले इलाकों, अस्पतालों और जल स्रोतों से दूर स्थापित किए जाएंगे ताकि लोगों के स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर न पड़े.
