झारखंड जगुआर : 18 साल में 48 दुर्दांत नक्सली ढेर, 21 हजार से ज्यादा कारतूस और विस्फोटक बरामद

Ranchi : झारखंड में लाल आतंक (नक्सलवाद) की कमर तोड़ने में राज्य पुलिस की विशेष शाखा झारखंड जगुआर (एसटीएफ)ने विशेष भूमिका निभाई...

Ranchi : झारखंड में लाल आतंक (नक्सलवाद) की कमर तोड़ने में राज्य पुलिस की विशेष शाखा झारखंड जगुआर (एसटीएफ)ने विशेष भूमिका निभाई है. साल 2008 में झारखंड जगुआर का गठन हुआ था. जिसके बाद से लेकर साल 2025 तक झारखंड जगुआर ने न केवल जंगलों में घुसकर नक्सलियों को धूल चटाई है, बल्कि उनके हथियारों और विस्फोटकों के जखीरंे को भी पूरी तरह तबाह कर दिया. एसटीएफ के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इन 18 वर्षों में सुरक्षाबल ने 48 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया है और 313 उग्रवादियों को जिंदा दबोचने में कामयाबी हासिल की है. झारखंड जगुआर ने नक्सलियों के फायर पावर को ही पूरी तरह से पंगु बना दिया है. आंकड़ों के मुताबिक, बल ने कुल 151 अत्याधुनिक ऑटोमैटिक और रेगुलर आर्म्स बरामद किए हैं. जिनमें 19 ​एके 47 रायफल, 27 इंसास राइफल, 33 एसएलआर, ​कारबाइन और 303 राइफल 06 और 25 एलएमजी और एमएमजी, 08 एडवांस वेपन. इसके अलावा, नक्सलियों की रीढ़ मानें जाने वाले 324 देसी हथियार भी सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में लिए हैं.

18 सालों में झारखंड जगुआर ने रिकॉर्ड 21,368 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं

झारखंड जगुआर ने नक्सलियों की बन्दूक से निकलने वाली गोली पर सबसे बड़ी चोट की है. आंकड़े बताते हैं कि पिछले 18 सालों में झारखंड जगुआर ने रिकॉर्ड 21,368 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. सबसे अधिक कारतूस वर्ष 2022 में (4,253) और वर्ष 2025 में (2,837) जब्त किए गए. जिसने नक्सलियों के हमलों की योजना को पूरी तरह नाकाम कर दिया. झारखंड के जंगलों में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए नक्सलियों का सबसे बड़ा हथियार आईईडी और लैंडमाइंस रहा है. लेकिन जगुआर के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कुल 2,177 आईईडी को रिकवर कर डिफ्यूज किया और 4,855 किलोग्राम विस्फोटक भी जब्त किया. सिर्फ़ वर्ष 2025 में ही रिकॉर्ड 3,635 किलोग्राम बारूद बरामद किया गया था और 133 हैंड ग्रेनेड भी नक्सलियों के ठिकानों से बरामद किए गए थे. इन 18 वर्षों में झारखंड जगुआर की नक्सलियों के साथ 118 सीधे एनकाउंटर (मुठभेड़) हुए. सबसे खास बात यह है कि बल ने उनके संचार तंत्र को तोड़ते हुए 77 कम्युनिकेशन सेट (वॉकी-टॉकी) भी जब्त किए जिससे नक्सलियों का आपसी संपर्क पूरी तरह कट गया.

लेवी के नेटवर्क पर भी एसटीएफ ने तगड़ा प्रहार किया है

नक्सली संगठनों की फंडिंग और लेवी के नेटवर्क पर भी एसटीएफ ने तगड़ा प्रहार किया है. इस पूरी अवधि के दौरान नक्सलियों के पास से 56 लाख रुपये से अधिक की नकद राशि बरामद की गई है जो वे ठेकेदारों और कारोबारियों से लेवी के रूप में वसूल कर अपने संगठन को जिंदा रखने के लिए इस्तेमाल करने वाले थे. झारखंड जगुआर के लिए सबसे महत्वपूर्ण साल 2025 रहा है. यह साल झारखंड जगुआर के इतिहास में सबसे सफल सालों में से एक दर्ज हुआ है. इस अकेले साल में झारखंड जगुआर की टीम ने 18 नक्सलियों को ढेर किया गया जो 18 सालों में किसी एक साल का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इसके साथ ही 3,635 किलोग्राम विस्फोटक और 4 एके-47 सहित 27 अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए. 35 लाख रुपये से अधिक की नकद राशि जब्त कर नक्सलियों के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया.

 

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