Giridih: जिले के सरिया रेंज स्थित धोबारी जंगल में एक हाथी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से इलाके में सनसनी फैल गई है. जंगल के बीचों-बीच मिले हाथी के शव ने वन विभाग की कार्यशैली और जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. मृत हाथी की उम्र लगभग 10 से 12 वर्ष बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि यह हाथी उस झुंड का हिस्सा था, जो पिछले कुछ दिनों से इलाके में विचरण कर रहा था.

मौक पर मचा हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय वनकर्मियों में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में हजारीबाग पूर्वी वन प्रक्षेत्र के डीएफओ विकास उज्ज्वल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पशु चिकित्सकों की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल पर हाथी के शव का निरीक्षण शुरू किया. जंगल में हाथी का शव मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए.
मौत की वजह पर सस्पेंस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाथी की मौत दो से तीन दिन पहले होने की आशंका जताई जा रही है. शव जिस स्थिति में मिला है, उससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि हाथी किसी घनी झाड़ी या दलदली हिस्से में फंस गया होगा और बाहर नहीं निकल पाने के कारण उसकी मौत हो गई. हालांकि, वन विभाग अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहा है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा.
लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं
इधर स्थानीय लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. कुछ लोग हाथी की मौत को प्राकृतिक बता रहे हैं, तो कुछ इसे वन विभाग की लापरवाही से जोड़ रहे हैं. सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर इलाके में हाथियों का झुंड लगातार घूम रहा था, तो वन विभाग की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां थी? जंगल में एक सब-एडल्ट हाथी की मौत हो जाना सामान्य घटना नहीं मानी जा रही है.
जांच और सर्च अभियान शुरू
वन विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि हाथियों के झुंड में कुल कितने हाथी शामिल थे और मृत हाथी आखिर झाड़ियों में कैसे फंसा. अधिकारियों ने आसपास के इलाके में सर्च अभियान भी शुरू कर दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य हाथी भी खतरे में तो नहीं हैं.
DFO ने क्या कहा
इस पूरे मामले पर हजारीबाग पूर्वी वन प्रक्षेत्र के डीएफओ विकास उज्ज्वल ने कहा कि हाथी की मौत की सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है. उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि हाथी झाड़ियों में फंस गया था, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. उन्होंने कहा कि विभाग हर बिंदु पर गंभीरता से जांच कर रहा है.
बना चर्चा का विषय
फिलहाल धोबारी जंगल में हाथी की मौत चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर जंगल के इस विशाल जीव की मौत के पीछे असली वजह क्या है.
