Ranchi: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के पुलिस 4193 सब इंस्पेक्टर रैंक के पुलिस पदाधिकारियों का औपबंधिक वरीयता सूची जारी किया है. डीजीपी कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, पूर्व में जारी की गई औपबंधिक राज्य वरीयता सूची को अपरिहार्य कारणों से रद्द कर दिया गया है और अब पूरी तरह से एक नई औपबंधिक राज्य वरीयता सूची-2026 तैयार कर जारी की गई है. यह पत्र डीआईजी (कार्मिक), झारखंड द्वारा राज्य के सभी रेंज के डीआईजी और जिले के एसएसपी व एसपी को भेजी गई है.
पुरानी सूची रद्द, नए सिरे से तैयार हुई लिस्ट:
पत्र के अनुसार 27 जनवरी 2026 को सब इंस्पेक्टर रैंक के पदाधिकारियों की जो औपबंधिक राज्य वरीयता सूची प्रकाशित की गई थी, उसे अपरिहार्य कारणों से कैंसिल कर दिया गया है। इसके बाद नए सिरे से यह संशोधित सूची-2026 तैयार की गई है.

कैसे तय की गई है सीनियरिटी?:
इस नई वरीयता सूची को तैयार करने के लिए एक तय आधार माना गया है. प्रोन्नति के माध्यम से नियुक्त हुए सब-इंस्पेक्टरों की आपसी सीनियरिटी को उनके आरक्षी (कांस्टेबल) या आशू सहायक अवर निरीक्षक के पद पर हुई मूल नियुक्ति तिथि को आधार मानकर तय किया गया है. इस सूची में वरीयता क्रमांक-01 (सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार गुप्ता) से लेकर वरीयता क्रमांक-4193 (सब इंस्पेक्टर विनय कुमार भारती) तक के नाम शामिल किए गए हैं.
आपत्ति दर्ज कराने के लिए मिला 15 दिनों का समय:
मुख्यालय ने सभी जिलों और इकाइयों के प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे इस सूची को अपने क्षेत्र में पदस्थापित सभी सब-इंस्पेक्टरों के बीच व्यापक रूप से प्रसारित और प्रचारित करें. यदि किसी पुलिस पदाधिकारी को इस सूची में अपनी सीनियरिटी या विवरण को लेकर कोई आपत्ति है, तो वे पत्र जारी होने की तिथि से 15 (पंद्रह) दिनों के अंदर साक्ष्य (सबूत) के साथ अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं. समय पर प्राप्त होने वाले अभ्यावेदनों को मंतव्य और साक्ष्य के साथ पुलिस मुख्यालय, झारखंड को भेजा जाएगा. निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा.
सर्विस बुक से मिलान और शून्य प्रतिवेदन’ का निर्देश:
सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वरीयता सूची में अंकित सूचनाओं का मिलान संबंधित पुलिस पदाधिकारी की सर्विस बुक और अन्य अभिलेखों से अनिवार्य रूप से कर लिया जाए. यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो उसकी सूचना दी जाए. यदि किसी सब-इंस्पेक्टर का नाम इस सूची में छूट गया है या पोस्टिंग के अनुसार वरीयता तय नहीं है, तो उसकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए ताकि नाम को शामिल या हटाया किया जा सके, यदि किसी जिले या इकाई में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टरों के विवरण में कोई भी गलती नहीं है, तो वहां के प्रभारियों को शून्य प्रतिवेदन भेजने को कहा गया है.
