Bermo: केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने दामोदर घाटी निगम के शीर्ष प्रबंधन में बड़े फेरबदल करते हुए दो महत्वपूर्ण आधिकारिक आदेश जारी किए हैं. केंद्र सरकार के सक्षम प्राधिकारी के फैसले के तहत डीवीसी के चेयरमैन और मेंबर-सेक्रेटरी के पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं.ऊर्जा मंत्रालय के डीवीसी सेक्शन द्वारा जारी पत्र (संख्या: 10/10/2025-डीवीसी) के अनुसार, नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, एनटीपीसी के मौजूदा चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर गुरदीप सिंह को दामोदर घाटी निगम के चेयरमैन पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. आदेश के मुताबिक, गुरदीप सिंह का यह कार्यकाल 1 जून 2026 से प्रभावी होकर अगले दो महीने 31 जुलाई 2026 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, के लिए रहेगा.
एसके पांडा बने नए मेंबर-सेक्रेटरी
मंत्रालय द्वारा जारी एक अन्य आदेश के तहत, डीवीसी के मेंबर टेक्निकल एसके पांडा को अब डीवीसी के मेंबर-सेक्रेटरी पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का निर्णय लिया गया है. एसके पांडा का यह कार्यकाल भी 1 जून 2026 से शुरू होकर अगले छह महीनों के लिए अथवा आगामी आदेश आने तक जो भी पहले हो जारी रहेगा. ऊर्जा मंत्रालय के उप सचिव जे मिश्रा के हस्ताक्षर से जारी ये दोनों आदेश 1 जून से पूरी तरह प्रभावी हो जाएंगे.

पूर्व में भी गुरदीप सिंह को दिया गया था चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि एनटीपीसी के सीएमडी गुरदीप सिंह के अनुभव का लाभ इस संक्रमण काल में डीवीसी की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत करने में मिलेगा. गुरदीप सिंह को पूर्व में भी डीवीसी के चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था. डीवीसी के वर्तमान चेयरमैन एस सुरेश कुमार 31 मई को अवकाश प्राप्त करेंगे. अपनी सेवावधि विस्तार को लेकर वे प्रयासरत थे, परंतु मंत्रालय द्वारा उन्हें सेवा विस्तार नहीं दिया गया, जबकि डीवीसी के मेंबर सेक्रेटरी डॉ. जॉन मथाई के जाने के बाद से पद रिक्त था और डीवीसी के चेयरमैन एस सुरेश कुमार ही मेंबर सेक्रेटरी के प्रभार में थे. वर्तमान चेयरमैन द्वारा व्यापक पैमाने पर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार को लेकर राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने भी ऊर्जा मंत्रालय को पत्र लिखकर कारवाई की मांग की थी.
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